Марои тасаввури васлати хаёли ботил буд

مرا تصور وصلت خیال باطل بود

Биҷузи тасаввури ботил дигар чаҳ ҳосил буд

بجز تصور باطل دگر چه حاصل بود

Ғами ту дар дили ман сад ҳазор уқда фиканд

غم تو در دل من صد هزار عقده فکند

Аҷал гушӯд гиреҳ варна кори мушкил буд

اجل گشود گره ورنه کار مشکل بود

Насими ишқ агар парда дар шуд эй ғунча

نسیم عشق اگر پرده در شد ای غنچه

Чу гули бҷлўаҳгарӣ ҳам дили ту моил буд

چو گل بجلوه گری هم دل تو مایل بود

Бики назари з рахт шуд хароби носеҳи ман

بیک نظر ز رخت شد خراب ناصح من

Табиби дарди ман аз ҳоли хеши ғофил буд

طبیب درد من از حال خویش غافل بود

Нигор қиблаи ҷон буд ва муддаӣ нашнохт

نگار قبله جان بود و مدعی نشناخت

Суҷуди қибла ҷон кард ҳаркии мқбл буд

سجود قبله جان کرد هرکه مقبل بود

Бсухт рӯзи сиёҳам куҷо шуд он шабҳо

بسوخت روز سیاهم کجا شد آن شبها

Ки шамъ рӯй ту моро чароғи маҳфил буд

که شمع روی تو ما را چراغ محفل بود

Расед дарди ту аҳлии зи ишқ ӯ ҷое

رسید درد تو اهلی ز عشق او جایی

Ки бо вуҷӯди ту маҷнӯни ҳарифи оқил буд

که با وجود تو مجنون حریف عاقل بود