Моием ҳамчуи маҷнӯни устоди мазҳаби ишқ

چند فتد به کشتنم زلف تو ماه برطرف

Шерон ба ҳалқаи мо Тифлони мактаби ишқ

روی تو میکشد مرا زلف سیاه برطرف

Дар машраб шаҳидон заҳраст оби ҳайвон

چشم خوش تو برد دل تهمت او بخط فکند

эй Хизр зин наранҷӣ кинаст машраби ишқ

چون دل برده خواستم کرد نگاه برطرف

Матлӯби покбозон дар ишқ ноумедӣ аст

تا نرسد غبار دل بر تو ز رهگذار من

Ҳркскаҳ комҷу шуд гум кард матлаби ишқ

سیل سرشک گرد من کرد ز راه برطرف

Рӯзи азал ки ҷонами маст ту шуд чаҳ донист

پیش قد تو کی بود یاد بهشت و طوبیم

Каз рӯй ҳамчуи рӯзати сар бар занад шаби ишқ

نخل گل است در میان شاخ گیاه برطرف

Гар бигузарам зи олами бозами Аннан ки гирад

اهلی اگر ترا کشد یار فرشته خوی تو

Ман мастам ва бғоит тундаст мураккаби ишқ

لاف وفا بهانه بس جرم و گناه برطرف