Маҷнӯни манам гурехтаи умрии зи банди ишқ

ز بهر کلبه عاشق دلا مجوی چراغ

Афтодаи боз дар паии дил дар каманди ишқ

که شمع مجلس او بس بود فتیله داغ

Аз шохи умри мива шодӣ начида аст

دل از چمن نگشاید اسیر عشق ترا

Дастӣ ки кӯтаҳаст зи нахли баланди ишқ

که پیش بلبل عاشق قفس نماید باغ

Дар санглохи синаи ман шуълаҳои оҳ

به جرعه یی بزن آبی بر آتشم که رسید

Ҳаряки шарораи исти зи наъли саманди ишқ

ز سینه بوی کبابم ز شوق می بدماغ

Баси дили асир ғам шуду озоди гашти боз

رقیب اگرچه عزیزست و ما چنین خواریم

Мискини манам ҳануз чунин мустаманди ишқ

روا مدار که بلبل جفا کشد از زاغ

Аҳлии ғам аз азоби қиёмати нмихўрд

بنه به کنج لحد دل ز سوز غم اهلی

Аз бскаҳ ҳаст сӯхтау дардманди ишқ

گرت هوس کند آسودگی و کنج فراغ