Лӣимм ар зи касони ҷузи ту хайр хоҳам ман

لئیمم ار ز کسان جز تو خیر خواهم من

Ки якҷу ту ба аз дард ва сад ҳазор ҳазор

که یکجو تو به از درد و صد هزار هزار

Иёдати ту зи сад нақду ганҷи баси кас ба

عیادت تو ز صد نقد و گنج بس کس به

Ки исоеи ту ва ҷон медиҳӣ бостФсор

که عیسییی تو و جان میدهی باستفسار

Зон хирмани сидқи ганҷи баси кас

زان خرمن صدق گنج بس کس

Тақтеъ : мафъӯли мФоълни Фъўлн

تقطیع: مفعول مفاعلن فعولن

Қофия : зўқоФитин , мукаррар

قافیه: ذوقافیتین، مکرر

Баҳр : ҳзҷи мсдси ахрби мқбўзи мҳзўФ

بحر: هزج مسدس اخرب مقبوض محذوف

Санъат : тарди алъкси мъқд дар сӯрати чилипои маъаи саёқаи алоъдоду ҳасани алтлб

صنعت: طرد العکس معقد در صورت چلیپا مع سیاقه الاعداد و حسن الطلب

Як ҷӯи бадви сад ҳазор каси бас

یک جو بدو صد هزار کس بس

Амони зи умраму ёрӣ мурод дод ки шуд

امان ز عمرم و یاری مراد داد که شد

Тамоми ин зар ва хонд хирад дараш меъёр

تمام این زر و خواند خرد درش معیار

Латоифам ки хиради номааш лақаб омад

لطایفم که خرد نامه اش لقب آمد

Бдўстон чаҳ гуҳари рехт беталаб ба нисор

بدوستان چه گهر ریخت بی طلب به نثار

Меъёри маро ки шуд хиради номаи лақаб

معیار مرا که شد خرد نامه لقب

Тақтеъ : мафъӯли мФоълни мафоъили феъл

تقطیع: مفعول مفاعلن مفاعیل فعل

Қофия : муқайяди муҷаррад

قافیه: مقید مجرد

Баҳр : ҳзҷи ахрби мқбўзи мкФўФи мҷбўб

بحر: هزج اخرب مقبوض مکفوف مجبوب

Санъат : таърихи баҳисоби абҷд۹۱۲

صنعت: تاریخ بحساب ابجد۹۱۲

Мизони хиради шимурди таърихи талаб

میزان خرد شمرد تاریخ طلب

Мудом то ки сипеҳри барин дар адвораст

مدام تا که سپهر برین در ادوارست

Ҳамеша то ки мадор замин шудаст қарор

همیشه تا که مدار زمین شدست قرار

То сипеҳр барин аст

تا سپهر برین است

Тақтеъ : фоилоти мафоъил

تقطیع: فاعلات مفاعیل

Қофия : мутлақи брдФу хурӯҷ

قافیه: مطلق بردف و خروج

Баҳр : мшокли мураббаъи мкФўФи мқсўр

بحر: مشاکل مربع مکفوف مقصور

Санъат : тобед

صنعت: تابید

То мадор замин аст

تا مدار زمین است

Ямини малики туро дар Аннан равад бсрўр

یمین ملک ترا در عنان رود بسرور

Чу дасти шодяти андари Аннани мҷдўи виқор

چو دست شادیت اندر عنان مجدو وقار

Нигини бахти турои бод то бурузи ҳсиб

نگین بخت ترا باد تا بروز حسیب

Бпоӣу давлати худро баҳр касе мспор

بپای و دولت خود را بهر کسی مسپار

Дар Аннан ва дар ркибти бод то рӯзи ҳсиб

در عنان و در رکیبت باد تا روز حسیب

Тақтеъ : Фоълотни Фоълотни Фоълотни фоилот

تقطیع: فاعلاتن فاعلاتن فاعلاتن فاعلات

Қофия : амолаҳ

قافیه: اماله

Баҳр : рамли мсмни мқсўр

بحر: رمل مثمن مقصور

Санъат : саҷъи мтўозӣ

صنعت: سجع متوازی

Аз тўшиҳи аввали абёти қасидаи ин қитъа бар михизди маъаи омин ё илоҳи Алъоламину аломати блоҷўрд дар аввал ҳар байти навишта шуда

از توشیح اول ابیات قصیده این قطعه بر میخیزد مع آمین یا اله العالمین و علامت بلاجورد در اول هر بیت نوشته شده

Дасти шодӣ дар Аннану пои давлат дар ркиб

دست شادی در عنان و پای دولت در رکیب

Ҳамеша то чаману умр ва зиндагӣ бошад

همیشه تا چمن و عمر و زندگی باشد

Рухи умеди боқиболи шоҳи гулгуни бод

رخ امید باقبال شاه گلگون باد

зи файзи наҷми саодати тавон бшоаҳ расед

ز فیض نجم سعادت توان بشاه رسید

Ки нури давлати наҷми алсъодти афзӯни бод

که نور دولت نجم السعادت افزون باد

Бсоиаҳи парварии халқ то абад ё раб

بسایه پروری خلق تا ابد یا رب

эй давлати ин сояи ҳумоюни бод

همای دولت این سایه همایون باد

Омин ё илоҳи Алъоламин

آمین یا اله العالمین

Ин қитъа аз ҳшўи мсоръи аввали қасида мустахраҷ мешавад ва аз ҳуруф мнқўт холӣасту аломати он блоҷўрд дар болой ҳар мисраи ниҳода шуда аст

این قطعه از حشو مصارع اول قصیده مستخرج میشود و از حروف منقوط خالیست و علامت آن بلاجورد در بالای هر مصرع نهاده شده است

Довари оламу алломаи аҳд

داور عالم و علامه عهد

Ҳосили кори гуҳи илму карам

حاصل کار گه علم و کرم

Ҳокиму омири маъмураи даҳр

حاکم و عامر معموره دهر

Комили аҳли карам садр амам

کامل اهل کرم صدر امم

Малику малики ду олам ӯ ро

ملک و ملک دو عالم او را

Дар ҳамаи малик ва малик карда илм

در همه ملک و ملک کرده علم

Дорад ӯ сиккаи адли ҳамаи малик

دارد او سکه عدل همه ملک

Расми адли ҳама ӯ дорад ҳам

رسم عدل همه او دارد هم

Ҳам карам дорад ва ҳам карда раво

هم کرم دارد و هم کرده روا

Коми илму караму марги дирам

کام علم و کرم و مرگ درم

Дил ӯ олам асмо омад

دل او عالم اسما آمد

Дода ӯ дод камоли одам

داده او داد کمال آدم

Комкори ҳамаи олами ҳамаи умр

کامکار همه عالم همه عمر

Ин рубоӣ аз ҳшўи ин қитъа мустахраҷ мешавад ва дар ҳар мисраи илмӣ лозим аст

این رباعی از حشو این قطعه مستخرج میشود و در هر مصرع علمی لازم است

Довари ҳукмраво дар ҳамаи дам

داور حکمروا در همه دم

ӯ оламу илм ҳар ду олам дорад

او عالم و علم هر دو عالم دارد

Илми малику илми русул ҳам дорад

علم ملک و علم رسل هم دارد

Ҳам малик карам дорад ва ҳам илми ҳама

هم ملک کرم دارد و هم علم همه

Ин қалъа аз ҳшўи мсоръи сонии қасида мустахраҷ мешаваду аломат ӯ ба лоҷуварди болои мсоръи сонӣ ниҳода аст

این قلعه از حشو مصارع ثانی قصیده مستخرج می شود و علامت او به لاجورد بالای مصارع ثانی نهاده است

Илму камару камол одам дорад

علم و کمر و کمال آدم دارد

Ганҷи ҷӯаду карами туе ки буд

گنج جود و کرم تویی که بود

Дасти ту чашмаи зи баҳри ҳунар

دست تو چشمه ز بحر هنر

Дарҷи ганҷинаи ҳунари дили ту

درج گنجینه هنر دل تو

Назм ва наср манаст икдўи гуҳар

نظم و نثر منست یکدو گهر

Ки баради раҳ бақадр ту ки накард

که برد ره بقدر تو که نکرد

Шарҳи ту ақли ман бсди дафтар

شرح تو عقل من بصد دفتر

Дар ғамати сӯхтами надида вале

در غمت سوختم ندیده ولی

Сӯрати дилкашати кашами баназар

صورت دلکشت کشم بنظر

Ҳунарами баҳр сикка карамаст

هنرم بهر سکه کرمست

Ки шавад хатм ҳар ҳунар бар зар

که شود ختم هر هنر بر زر

Ту блтФш қабул кун ки мисам

تو بلطفش قبول کن که مسم

Зар кунад сиккаи ҳунар парвар

زر کند سکه هنر پرور

Ҳамаи умрат бхўшдлӣ гузарад

همه عمرت بخوشدلی گذرد

Ин рубоӣ аз ҳшўи ин қитъаи брмихизд ва дар ҳар мисраи ҳунарӣ лозим аст

این رباعی از حشو این قطعه برمیخیزد و در هر مصرع هنری لازم است

Ҳамаи рӯзи ту ба зи рӯз дигар

همه روز تو به ز روز دگر

Ганҷи Карамии дарҷи ҳунар дар қидмат

گنج کرمی درج هنر در قدمت

Баҳр ҳунар манаст ршҳи қаламат

بحر هنر منست رشح قلمت

Хатми ҳунарам бар караму лутф ту шуд

ختم هنرم بر کرم و لطف تو شد

Ин ғазал аз ҳшўи абёти маснӯъа ки аз қасидаи мустахраҷ шуда бар михизд

این غزل از حشو ابیات مصنوعه که از قصیده مستخرج شده بر میخیزد

Сад шукр ки шуд хатми ҳунар бар карамат

صد شکر که شد ختم هنر بر کرمت

эй рӯй ту қабл дили оро

ای روی تو قبل دل آرا

Ваии кӯии ту каъбаи дили мо

وی کوی تو کعبه دل ما

Доми дили риши ман ғамин аст

دام دل ریش من غمین است

Аз нози ту эйнигор зебо

از ناز تو ای نگار زیبا

Равшан кунӣ аз рух чу маи дил

روشن کنی از رخ چو مه دل

Вази меҳри ҷабини чароғи ҷонҳо

وز مهر جبین چراغ جانها

Зон рӯй кушодаи барадии осон

زان روی گشاده بردی آسان

Дилро чу ман аз ҳазор доно

دل را چو من از هزار دانا

Огоҳ нахоҳӣ аз худам зон

آگاه نخواهی از خودم زان

Ҳуши ману сабри бардаи ъмдо

هوش من و صبر برده عمدا

Берун натавон шуд аз раҳати ҳеҷ

بیرون نتوان شد از رهت هیچ

Моро ки буд дили худ онҷо

ما را که بود دل خود آنجا

Модоми зи саркашии худ эй бут

مادام ز سرکشی خود ای بت

Сармастӣу аҳлӣ аз ту шайдо

سرمستی و اهلی از تو شیدا

Ин байт аз ҳшўи ин ғазали брмихизд

این بیت از حشو این غزل برمیخیزد

Аҳлии суханаш агар тамомаст

اهلی سخنش اگر تمامست

Темати алқсидаҳи алсолсаҳ

تمت القصیده الثالثه