Баҳри кажам ки наҳй нақши хеш май байнам

به حق آن، که جز از تو، کسی گزیده نی‌ام

На он ҳарифами лекин ки муҳра барчинам

که در فراق تو یک لحظه آرمیده نیم

Гирифт дастхушам , ишваи висоли ту лек

بریده شد رگ جانم ز تیغ فرقت تو

Бадасти номади хуши хуши з пой нанишинам

تو آن نگر که هنوز از تو، دل بریده نی‌ام

Бар он дилам ки набинам бичишам рӯй салоҳ

مباد بر رسن گیسوی تو دست نسیم

Ки ман салоҳи дили худ дар ин наме байнам

اگر چو چنبر ابروت قد خمیده نی‌ام

Бхўни хонум тар мекунад ғамати шмишр

فلک ز دانه خال تو بی‌نصیبم کن

Накарда хушк намад зин , зъорт ва , тинм

اگر ز چنبر تو چون مرغ دل رمیده نی‌ام

Агар бтиғи ду рӯят сухан равад бо ман

وداع دیده کنم، گر به دیگری نگرد

Мтоб рӯй , ки дар рӯй мешавад инам

کجا غلام توام، من غلام دیده نی‌ام

Асир рафту шабӣ бо ту ком талх накард

ز غمزه تو مبادم امان جان اثیر

Блб расед дар ин ғуссаи ҷони ширинам

اگر چو چشم تو بی‌چشم تو شمیده نی‌ام