эй ҳамаи шерони асири доми ту

ای مرهم هر سینه‌ی مجروح لب تو

Ту синони хештани байни роми ту

فرسوده قدم‌های دلم در طلب تو

Боз молидаа ки марди афканӣ

گم کرد سر رشته‌ی تدبیر دلم باز

Къбтини теғи гардони ҷоми ту

در طره سرگمشده‌ی بلعجب تو

Ҳам аноне карда дар роҳи қабул

چون تار طراز است شب و روز تن من

Офарини бахт , бо дашноми ту

تا بر طرف روز تنیده‌ست شب تو

Мардуми чашми равон , рухсори ту

چون لاله دلم چهره به خون شست چو بگرفت

Ҳалқа ӣ гӯши хирад , пайғоми ту

سبزه طرف چشمه‌ی حیوان لب تو

Аз аламдорони девони вуҷӯд

من بنده نویسد به تو سلطان کواکب

Фитна бар кораст дар айёми ту

تا خسرو خوبان جهان شد لقب تو

Дар ғамати хуши хуши Фрўшдрўзмн

ای حور پریزاده بر این حسن و طراوت

Гӯи фурӯи шӯ то барояд коми ту

از آدمیان نیست همانا نسب تو

Нардбони нокарда аз сар , кӣ расад

درساخته‌ام با غم تو، روی همین است

Пой ҳартар доманӣ бар боми ту

چون جز ز غم من نفزاید طرب تو

Сад ҳазорон сайди дорӣ чун асир

بیداد سه ساله که اثیر از همدان برد

Худ чаҳ мурғаст ӯ бензади доми ту

تقدیر الهی بُد و باقی سبب تو