Ҳамчуи болои ту сарвӣ ба чаман ме нарасад
همچو بالای تو سروی به چمن مینرسد
Дар хури лаъли ту дарии з адан ме нарасад
در خور لعل تو دُری ز عدن مینرسد
Чаҳ кунам қиссаи ҳиҷрон ба ки гӯям ки маро
چه کنم قصه هجران به که گویم که مرا
Як забонасту зи афғон ба даҳан ме нарасад
یک زبان است و ز افغان به دهن مینرسد
Ҳар замони зулф ту дорад ба сари мо сияҳӣ
هر زمان زلف تو دارد به سر ما سیهی
Сипаҳии каши зи шикани ҳеҷ шикан ме нарасад
سپهی کِش ز شکن هیچ شکن مینرسد
Бо нассобами зи хаёли ту ки чашмаши мрсод
با نصابم ز خیال تو که چشمش مرساد
Гар насибии зи висоли ту ба ман ме нарасад
گر نصیبی ز وصال تو به من مینرسد
Ҳар замон танз кунӣ кони дили бемори ту кӯ
هر زمان طنز کنی کان دل بیمار تو کو
Рости хоҳӣ , дил онҷост ки тан ме нарасад
راست خواهی، دل آنجاست که تن مینرسد
Гаштагон ту чунон зи оташ дил ме сӯзанд
گشتگان تو چنان ز آتش دل میسوزند
Каз ҳазорон тани як тан ба кафан ме нарасад
کز هزاران تن یک تن به کفن مینرسد
Бар симини ту андӯҳ кашон дорад лек
بر سیمین تو اندوهکشان دارد لیک
Кин аз он қавм дар андӯҳ ба ман ме нарасад
کین از آن قوم در اندوه به من مینرسد
Хӯни ман май хур ва май гӯ ки асири он ман аст
خون من میخور و میگو که اثیر آن من است
Борӣ он гуфт забонӣ , ба даҳан ме нарасад
باری آن گفتِ زبانی، به دهن مینرسد