Рӯзӣ ки ҷафоҳои ту бар ёд ман ояд
روزی که جفاهای تو بر یاد من آید
Дил нӯш кунад ғусса ва аз хештан ояд
دل نوش کند غصه و از خویشتن آید
Чун сафи бало , рост кунӣ аз сари таслим
چون صفّ بلا، راست کنی از سر تسلیم
Марди он буд оре , ки на камтар ззн ояд
مرد آن بود آری، که نه کمتر ززن آید
Гар теғи бёлоиди ишқати бмни ин фахр
گر تیغ بیالاید عشقت بمن این فخر
Ҳошо ки зи сад перҳанами як кафан ояд
حاشا که ز صد پیرهنم یک کفن آید
То чанд забон гирд бидорам ки лаб туаст
تا چند زبان گرد بدارم که لب توست
Чизе ки зи айёми бдндон ман ояд
چیزی که ز ایام بدندان من آید
Ман гирди сари кӯии ту аз бҳртўи гирдам
من گرد سر کوی تو از بهرتو گردم
Булбули зи паии гули бкнор чаман ояд
بلبل ز پی گل بکنار چمن آید
Бишикаст дилам зон шикани зулфи мабодо
بشکست دلم زان شکن زلف مبادا
Каз чашм бидон бршкн ӯ шикан ояд
کز چشم بدان برشکن او شکن آید