Марои барӣни нсзоид ки аз ту бошам давр
مرا بر این نسزاید که از تو باشم دور
Макун макун ки нӣӣ дар ҳалоки ман маъзӯр
مکن مکن که نهای در هلاک من معذور
Чаҳ кардаам ки чунин рафтаи ӣии змни дрхт
چه کردهام که چنین رفتهای ز من در خط
Чаҳ кардаам ки чунин карда ӣии марои маҳҷӯр
چه کردهام که چنین کردهای مرا مهجور
Умеди ман мксли зи он дўлолаҳи сероб
امید من مگسل ز آن دو لالهی سیراب
Хмормн машкан зон дўнргси махмур
خمار من مشکن زان دو نرگسِ مخمور
Дар орзӯии ту ҷонам блб расед кунун
در آرزوی تو جانم به لب رسید کنون
Дигар чаҳ монад нгўӣии ту бртни ранҷур
دگر چه ماند نگوئی تو بر تن رنجور
Умеди рӯз баӣ чун буд маро дар ишқ
امید روزِ بهی چون بود مرا در عشق
На васли ёри мусоид на ман бҳҷри сабур
نه وصل یار مساعد نه من به هجر صبور
Дар орзӯии ту дардӣ ки дар диласт муқӣм
در آرزوی تو دردی که در دل است مقیم
Давоӣ он набӯд ҷуз ки дидани дастур
دوای آن نبود جز که دیدن دستور
Фалак ба чашми тағайюр нигоҳ кард бмн
فلک به چشم تغیر نگاه کرد به من
Бидон назар ки буд лаън дар ҳақи мстўр
بدان نظر که بود لعن در حق مسطور
Ғам чу тавқ гаулӯгир шуд аҷаби мшмр
غم چو طوق گلوگیر شد عجب مشمر
Агар бтоқ дар афкандаам ҳадиси сарвар
اگر به طاق در افکندهام حدیث سرور
Фалаки зи сахти гумоне ки ҳаст бар ҳамаи кас
فلک ز سخت گمانی که هست بر همه کس
Ҳаме бтир нишоед задани дили масрур
همی به تیر نشاید زدن دل مسرور
Сабаби камол ман омад қусӯри ҳоли маро
سبب کمال من آمد قصور حال مرا
Балӣ аҷаб набӯд зон сӯии камоли қусӯр
بلی عجب نبود زان سوی کمال قصور
Манам зиёни рада ӣ шармсор хашм олуд
منم زیان زدهی شرمسار خشمآلود
Бадасти чархи мқомр чу мардуми мақҳур
بدست چرخ مقامر چو مردم مقهور
Дилами барӣ ва напурсӣ зиҳии зи ман фориғ
دلم بری و نپرسی زهی ز من فارغ
Ҷафо кунӣ ва натарсӣ зиҳии бахуди мағрур
جفا کنی و نترسی زهی به خود مغرور
Чу оташам чаҳ , бтбохии мизоҷи сухан
چو آتشم چه به طباخی مزاج سخن
Замир ман наниҳад офтобро мҷрўр
ضمیر من ننهد آفتاب را مجرور
Маро чаҳ турфа беонеаст ҳамчуи ҷони ширин
مرا چه طرفه بیانی است همچو جان شیرین
Вале ҳаловат он карда олимии пари шӯр
ولی حلاوت آن کرده عالمی پر شور