Ишқи ёрам ҳар замонии манзили андар дил кунад
عشق یارم هر زمانی منزل اندر دل کند
То ба зери ҳалқаи зулфаши дилам манзил кунад
تا به زیر حلقهٔ زلفش دلم منزلکند
Дил ки аз ман бугсалад манзил кунад дар зулф ӯ
دلکه از من بگسلد منزلکند در زلف او
Ишқ ӯ каз дар даройади манзили андар дил кунад
عشق او کز در درآید منزل اندر دل کند
Ҳркҷо ӯ бугзарад рӯйиши ҷаҳон пургул кунад
هرکجا او بگذرد رویش جهان پرگلکند
Ҳркҷо ман бигузарам чашмами замин пургул кунад
هرکجا من بگذرم چشمم زمین پرگل کند
Гоҳи азуи бим фироқаст вгҳии умеди васл
گاه ازو بیم فراق است وگهی امید وصل
Биму умедаши ҳамаи кори маро мушкил кунад
بیم و امیدش همه کار مرا مشکل کند
Сӯраташ ҳар соъатӣ дар пеш чашм ояд маро
صورتش هر ساعتی در پیش چشم آید مرا
То дигар бораи маро аз хештан ғофил кунад
تا دگر باره مرا از خویشتن غافل کند