намебиовар ки ҷашн дастураст
می بیاور که جشن دستورست
Ҷашни олӣ сарой маъмураст
جشن عالی سرای معمورست
Қуббае каз навой мутриб ӯ
قبهای کز نوای مطرب او
Кӯҳро дар сар аз садо сураст
کوه را در سر از صدا سورست
Қуббае каз фурӯғи девораш
قبهای کز فروغ دیوارش
Осмони пар тмўҷ нураст
آسمان پر تموج نورست
Сӯраташро қазоӣ шаҳват нест
صورتش را قضای شهوت نیست
Ки гҷшро мазоҳ кофураст
که گجش را مزاح کافورست
Тарӣу хушкии маводаш ро
تری و خشکی موادش را
Об чун офтоб муздураст
آب چون آفتاب مزدورست
Офтоби буруҷи сақфаш ро
آفتاب بروج سقفش را
Тобиши офтоб бо ҳураст
تابش آفتاب با حورست
Моҳ аз осеби сақфаш аз пас аз ин
ماه از آسیب سقفش از پس از این
Нагзарад бар сипеҳр маъзӯраст
نگذرد بر سپهر معذورست
Ки зи махрӯти зилл ӯ ҳамаи моҳ
که ز مخروط ظل او همه ماه
ХоиФст аз хусуф ва ранҷураст
خایفست از خسوف و رنجورست
Чашми бади даври боди азу ки зи лутф
چشم بد دور باد ازو که ز لطف
Чашмаи арсаи ншобўрст
چشمهٔ عرصهٔ نشابورست
Не хато гуфтам ин дуои з чаҳ рӯй
نی خطا گفتم این دعا ز چه روی
Зонка худ чашми бад азу давраст
زانکه خود چشم بد ازو دورست
Дасти офати бадв чигуна расад
دست آفت بدو چگونه رسد
То дарави ним даст дастураст
تا درو نیم دست دستورست
Носири дайни ҳақ ки рояти дайн
ناصر دین حق که رایت دین
Тока дар фавҷ ӯст Мансураст
تاکه در فوج اوست منصورست
Тоҳрбни алмзФри онкии зафар
طاهربن المظفر آنکه ظفر
Бар муроду ҳавоаши мқсўрст
بر مراد و هواش مقصورست
Онкии малики бақоашро шабу рӯз
آنکه ملک بقاش را شب و روز
Аз савод ва баёз маншураст
از سواد و بیاض منشورست
Ҳалам ӯро таҳаммули ҷўдӣ
حلم او را تحمل جودی
Рой ӯро таҷаллӣ тавраст
رای او را تجلی طورست
Ҷуръаи ханҷари хилофаш ро
جرعهٔ خنجر خلافش را
Чун аҷали сад ҳазор махмураст
چون اجل صد هزار مخمورست
Ҷабри фурмонашро ки нофизи бод
جبر فرمانش را که نافذ باد
Чун қазо садҳазор маҷбураст
چون قضا صدهزار مجبورست
Қаҳр ӯ қаҳрамони он олам
قهر او قهرمان آن عالم
Ки дарав рӯзгор мақҳураст
که درو روزگار مقهورست
Ҷӯад ӯ кадхудои он кишвар
جود او کدخدای آن کشور
Ки аз ӯ эҳтиёҷ маҳҷӯраст
که از او احتیاج مهجورست
Адл ӯ ар магар ки омири адл
عدل او ار مگر که آمر عدل
Баъди азу ҳарки ҳаст маъмураст
بعد ازو هرکه هست مامورست
Амр ӯ милок алрқобӣ нест
امر او ملاک الرقابی نیست
Ки ба малик нФоз мағрураст
که به ملک نفاذ مغرورست
Рой ӯ нури офтобӣ на
رای او نور آفتابی نه
Ки ба таъқиб соя машҳураст
که به تعقیب سایه مشهورست
Оташи андари таб сиёсат ӯст
آتش اندر تب سیاست اوست
Табъ ӯ зон ҳамеша мҳрўрст
طبع او زان همیشه محرورست
Абрро роФт аз риоят ӯст
ابر را رافت از رعایت اوست
Саъй ӯ зон ҳамеша мшкўрст
سعی او زان همیشه مشکورست
Ҷуръаи ҷоми ҳукм ӯ дорад
جرعهٔ جام حکم او دارد
Бод аз он дар масир махмураст
باد از آن در مسیر مخمورست
эй қадари қудратӣ ки бо азмат
ای قدر قدرتی که با عزمت
Зӯри бозуӣ осмон зӯраст
زور بازوی آسمان زورست
Сухраи тарҷумонии қаламат
سخرهٔ ترجمانی قلمت
Ҳарчӣ дар зимни лавҳи мстўрст
هرچه در ضمن لوح مسطورست
Нашр амвот мекунад ба срир
نشر اموات می کند به صریر
Магараш офариниш сувараст
مگرش آفرینش صورست
Кашф асрор мекунад ба румуз
کشف اسرار می کند به رموز
Ба румузӣ ки дар мансураст
به رموزی که در منثورست
Васфи мактуб ӯ ҳаме кардам
وصف مکتوب او همی کردم
Ба ҳаловат чунонкӣ мазкӯраст
به حلاوت چنانکه مذکورست
Шаҳд гуфт он камар ки май доне
شهد گفت آن کمر که میدانی
Зини сабаб бар миён занбӯраст
زین سبب بر میان زنبورست
Аҷабо лои илоҳи алои аллоҳ
عجبا لا اله الا الله
Каз камолат чаҳ ҳаззи мўФўрст
کز کمالت چه حظ موفورست
То ки мақдӯри ҳалу ақди қазо
تا که مقدور حل و عقد قضا
Дар ҳиҷоб замона мастураст
در حجاب زمانه مستورست
Дасти Фрсўди ҳалу ақди ту бод
دست فرسود حل و عقد تو باد
Ҳарчӣ дар малик даҳр мақдӯраст
هرچه در ملک دهر مقدورست
Рӯзгорати чунон ки натавон гуфт
روزگارت چنان که نتوان گفت
Ки дарави ҳеҷ рӯзи мҳзўрст
که درو هیچ روز محذورست
Ҳам аз он сон ки бўолФрҷ гуяд
هم از آن سان که بوالفرج گوید
Рӯзгор ъсир ангураст
روزگار عصیر انگورست