Ғорати ишқат ба дил ва ҷон расед
غارتِ عشقت به دل و جان رسید
Оби зи доман ба гиребон расед
آب ز دامن به گریبان رسید
Ҷону дилии доштам аз чизҳо
جان و دلی داشتم از چیزها
Навбати он низ ба поён расед
نوبتِ آن نیز به پایان رسید
Гуфтам : ҷонӣ ба сар ояд маро
گفتم: جانی به سر آید مرا
Ишқи ту охир ба сар он расед
عشقِ تو آخر به سرِ آن رسید
Бо ту чаҳ созам ки чу афғон кунам
با تو چه سازم که چو افغان کنم
Зон чаҳ ба ман дар ғам ҳиҷрон расед
زان چه به من در غمِ هجران رسید
Бишинавӣ афғонаму гӯйӣ ба танз :
بشنوی افغانم و گویی به طنز:
Кори фалони зуд ба афғон расед
کارِ فلان زود به افغان رسید
Рқъаҳ ӣ дардами зи ту бечораи вор
رقعهیِ دردم ز تو بیچارهوار
Ним шубони дӯш ба кайвон расед
نیمشبان دوش به کیوان رسید
Гар ту туе зуд ки хоҳанд гуфт :
گر تو تویی زود که خواهند گفت:
Сӯзи фалон дар тан баҳмон расед
سوزِ فلان در تنِ بهمان رسید