Ҳазор мадҳи шукри таъми васф ту гуфтам
هزار مدح شکر طعم وصف تو گفتم
Казу нагашт марои тозаи як сабӯҳи футуҳ
کزو نگشت مرا تازه یک صبوح فتوح
Бародарам ки ду тани токро наад неру
برادرم که دو تن تاک را نهد نیرو
Ҳаме гусаста нагардад ғбўқ ӯ зи сабӯҳ
همی گسسته نگردد غبوق او ز صبوح
Дуруст шуд ки ду тани ток ба зи сад мамдуҳ
درست شد که دو تن تاک به ز صد ممدوح
Яқин шудам ки ду мамдуҳ ба зи сад мамдуҳ
یقین شدم که دو ممدوح به ز صد ممدوح