Дуъогӯ асбкӣ дорад ки ҳар рӯз

دعاگو اسبکی دارد که هر روز

зи баҳри коҳ то шаб май хурӯшад

ز بهر کاه تا شب می‌خروشد

Ғазал мегӯям ва дар вай нагирад

غزل می‌گویم و در وی نگیرد

Ду байтӣ низ камтар май ниўшд

دو بیتی نیز کمتر می‌نیوشد

Таваққуъ дорад аз истабли махдум

توقع دارد از اصطبل مخدوم

Ки ӯрои кўлўории коҳи нӯшад

که اورا کولواری کاه نوشد

Вагар ки нест дар истабли махдум

وگر که نیست در اصطبل مخدوم

Дар ин ҳамсояи шахсе май фурушад

در این همسایه شخصی می‌فروشد