Ба назми марсия эй дар ки чун зи мӯҷиби он
به نظم مرثیهای در که چون ز موجب آن
Ятеми вор тафаккур кунам брошўбм
یتیموار تفکر کنم برآشوبم
Амири одил дар як ду байт нақдӣ кард
امیر عادل در یک دو بیت نقدی کرد
Ҳанузаш аз сари инсофи хок май рўбм
هنوزش از سر انصاف خاک میروبم
Вазони нишот ки он назми азу мнқҳ шуд
وزان نشاط که آن نظم ازو منقح شد
Чу сарви нави зи сабои пои ҳол май кӯбам
چو سرو نو ز صبا پای حال میکوبم
Зиҳии муфид ки танбеҳ кард бе заҷрам
زهی مفید که تنبیه کرد بی زجرم
Зиҳии адиб ки таълим дод бе чӯбам
زهی ادیب که تعلیم داد بیچوبم