Касе ки муддати сӣ соли шеър ботил гуфт

کسی که مدت سی سال شعر باطل گفت

Худоӣ бар ҳама комяш дод пирӯзӣ

خدای بر همه کامیش داد پیروزی

Кунун ки рӯй наад ҷумла дар ҳақиқати шаръ

کنون که روی نهد جمله در حقیقت شرع

Чаҳ эътиқод кунӣ боз гирадаш рӯзӣ

چه اعتقاد کنی باز گیردش روزی

Бирав ки оқил аз ин ихтиёр он бинад

برو که عاقل از این اختیار آن بیند

Ки кишт ташна набинад зи абри наврӯзӣ

که کشت تشنه نبیند ز ابر نوروزی

зи шеъри нафаси ту он борҳои ор кашид

ز شعر نفس تو آن بارهای عار کشید

Ки чун ҳилол ба тифлии дроидши кўзӣ

که چون هلال به طفلی درآیدش کوزی

зи шаръи ҷони ту он шълҳоӣ нур кашад

ز شرع جان تو آن شعلهای نور کشد

Казу ба ҳар фалакии офтобии афрӯзӣ

کزو به هر فلکی آفتابی افروزی

Валек то ту ҳамон авди вазн май созӣ

ولیک تا تو همان عود وزن می‌سازی

Валек то ту ҳамон авди баҳр май сӯзӣ

ولیک تا تو همان عود بحر می‌سوزی

Ту ҳарфи шаръ кӣ ореи буруни зи махраҷи шеър

تو حرف شرع کی آری برون ز مخرج شعر

Ту илм онат набошад казин дар он тузӣ

تو علم آنت نباشد کزین در آن توزی

Тўроءи шаръ ба охири ҳамеи барӣ ва хатост

توراء شرع به آخر همی بری و خطاست

Чу айни шеър ба охири барии биомузӣ

چو عین شعر به آخر بری بیاموزی