Абрӯяш то рақами қатли ман имзо ме кард
ابرویش تا رقمِ قتلِ من امضا میکرد
Мижаи ин ҳукми буруни номдаҳ иҷро ме кард
مژه این حکم برون نامده اجرا میکرد
Ба чаҳ ҳоле ки дили санг ба ҳолам май сӯхт
به چه حالی که دلِ سنگ به حالم میسوخت
Чашми хўнризи ваии ин ҳол тамошо ме кард
چشمِ خونریز وی این حال تماشا میکرد
Қадаш аз ҳар қадамии фитна ба по ме ангехт
قدش از هر قدمی فتنه به پا میانگیخت
Лабаш аз ҳар сухании муфсида барпо ме кард
لبش از هر سخنی مَفسَده برپا میکرد
Ҳама дар воҳимаи ин мардум аз он мардуми чашм
همه در واهمه این مردم از آن مردم چشم
Ин ҳамаи ҳамҳамаи як бесар ва бепо ме кард
این همه همهمه یک بیسر و بیپا میکرد
Аз дар дидаи ҳаркас ки гузар карда , ҳануз
از درِ دیدهٔ هرکس که گذر کرده، هنوز
Давр аз дида нигардида ба дил ҷо ме кард
دور از دیده نگردیده به دل جا میکرد
Ҳар дилиро ки шудӣ хайли хаёлаши дохил
هر دلی را که شدی خیل خیالش داخل
Маҳв чун дохилаи мамлакат мо ме кард
محو چون داخلهٔ مملکت ما میکرد
Ман ба ҳар шохӣ аз ин боғи зи бедоди муҳӣт
من به هر شاخی از این باغ ز بیداد محیط
Ошёни бастам аз онҷои пари ман во ме кард
آشیان بستم از آنجا پر من وا میکرد
Кори расвои дили байн ки маро дар назар
کارِ رسواییِ دل بین که مرا در نظرِ
Кишварӣ , ин ҳамаи расво шуда расво ме кард
کشوری، این همه رسوا شده رسوا میکرد
Талхи комии ман аз зиндагии ин бас ки дилам
تلخکامی من از زندگی این بس که دلم
Шаҳди осӯдагӣ аз марг таманно ме кард
شهد آسودگی از مرگ تمنا میکرد
Пеш аз онӣ ки занад сабзаи сар аз хокаши кош
پیش از آنی که زند سبزه سر از خاکش کاش
Дил ( ориф ) ҳаваси сабза ва саҳро ме кард
دل (عارف) هوس سبزه و صحرا میکرد