Биё ки ёри зи рухсори пардаро багушӯд

بیا که یار ز رخسار پرده را بگشود

Биё ки ҳар чаҳ ниҳон буд ошкор намӯд

بیا که هر چه نهان بود آشکار نمود

Биё ки маҷлиси мо базмгоҳи мстонст

بیا که مجلس ما بزمگاه مستانست

Бёкаҳи соқӣ ва ҷомасту бонги созу сурӯд

بیاکه ساقی و جام است و بانگ ساز و سرود

Биё ва бода банушу зиёни худ талаб

بیا و باده بنوش و زیان خود طلب

Чу раҳ бадваст набардӣ , зи зуҳди хушк чаҳ суд

چو ره بدوست نبردی، ز زهد خشک چه سود

Биё ки майкада дар боз кард бодаи фуруш

بیا که میکده در باز کرد باده فروش

Ки орифона банушем май брғми ҳасуд

که عارفانه بنوشیم می برغم حسود

Чаҳ шуд ки ҷумлаи зарроти масту бихбрнд

چه شد که جمله ذرات مست و بیخبرند

Нигари магар дар майхона соқем багушӯд

نگر مگر در میخانه ساقیم بگشود

Кунун ки фурсат умраст хуши ғанимати дон

کنون که فرصت عمر است خوش غنیمت دان

Шаробу шоҳид ва мутриб навой барбату авд

شراب و شاهد و مطرب نوای بربط و عود

Ҳарифи мо шӯ ва май нӯш ва рӯй соқии байн

حریف ما شو و می نوش و روی ساقی بین

Ббзмгоаҳи шуҳуди о чаҳ ҷой гуфту шунӯд

ببزمگاه شهود آ چه جای گفت و شنود

Биёу пери хароботи ишқро дарёб

بیا و پیر خرابات عشق را دریاب

Ки раҳбараст ва бмъшўқ мерасонад зуд

که رهبرست و بمعشوق میرساند زود

Чаҳ бодаҳои паёпай ки медиҳад соқӣ

چه باده های پیاپی که میدهد ساقی

Бҷони масти асирии даруни базми шуҳуд

بجان مست اسیری درون بزم شهود