Ифтихори мо ба фақрасту фано
افتخار ما به فقرست و فنا
Мо куҷоу мансабу мол аз куҷо
ما کجا و منصب و مال از کجا
Бо вуҷӯди малики ишқи лоязол
با وجود ملک عشق لایزال
Орам ояд зини ҷаҳон бе бақо
عارم آید زین جهان بی بقا
Ҷони мо мустағриқ нур лақост
جان ما مستغرق نور لقاست
Кӣ бҷнти сар фурӯд ояд маро
کی بجنت سر فرود آید مرا
Барфароз на фалак тайрон кунад
برفراز نه فلک طیران کند
Шоҳбози ҳиммати волои мо
شاهباز همت والای ما
Ҷони бҷонони зиндаи ҷовиди гашт
جان بجانان زنده جاوید گشت
То зи қайди худ бакулӣ шуд фано
تا ز قید خود بکلی شد فنا
Аз шароби ҷом мансӯрӣ бануш
از شراب جام منصوری بنوش
Масту бихўдгўи анолҳқи бармало
مست و بیخودگو انالحق برملا
Аз меишқаст ҷони масти аласт
از می عشقست جان مست الست
Инчунин мастӣ буд бе мунтаҳо
اینچنین مستی بود بی منتها
Дилбарам дар коми ҷони резади мудом
دلبرم در کام جان ریزد مدام
Он шароб бе хумори ҷонФзо
آن شراب بی خمار جانفزا
Аз таҷаллии ҷамол рӯй дӯст
از تجلی جمال روی دوست
Ҷумлаи олам ғарқ нуранду зё
جمله عالم غرق نورند و ضیا
Ошиқони бенанди рӯйиш бе ниқоб
عاشقان بینند رویش بی نقاب
Лек чашм зоҳидӣ дорад ъмо
لیک چشم زاهدان دارد عما
Гуфт асиригар ту меҷӯӣ висол
گفت اسیری گر تو میجویی وصال
Бе туе дар базми васли мо дро
بی تویی در بزم وصل ما درآ