Соқӣ бидиҳ май ки буд мастяши фано

ساقی بده می که بود مستیش فنا

То ворҳондми зи хумори манӣ ва мо

تا وارهاندم ز خمار منی و ما

Зон бода ки чун ки банушем ҷуръа

زان باده که چون که بنوشیم جرعه

Фориғ кунад зи ғуссаи дунёу дайни маро

فارغ کند ز غصه دنیا و دین مرا

Аз ҷоми ишқи ҷумлаи ҷаҳони масту бихўднд

از جام عشق جمله جهان مست و بیخودند

Раққосу кафи занон ҳама гӯйанд тани тела

رقاص و کف زنان همه گویند تن تلا

Пар шуд зёри арсаи кунин ва ҳамчунон

پر شد زیار عرصه کونین و همچنان

Бедида дар талаб ки куҷо ҷӯямаш куҷо

بی دیده در طلب که کجا جویمش کجا

Зарроти ғарқ баҳр муҳӣтанд ва аз аташ

ذرات غرق بحر محیطند و از عطش

Ҷӯёии қатра шуда ҳар як чу бе наво

جویای قطره شده هر یک چو بی نوا

Доими ҳарифи шоҳид ва мебошу покбоз

دایم حریف شاهد و می باش و پاکباز

Гар зонка мерӯй раҳи риндон бе риё

گر زانکه میروی ره رندان بی ریا

Ҷомии бадасти маст ва хиромон расед ёр

جامی بدست مست و خرامان رسید یار

Гуфтои асирё бкҷо мерӯй биё

گفتا اسیریا بکجا میروی بیا