Мо масти шароб лаъл ёрем

ما مست شراب لعل یاریم

Махмури ду чашми прхморим

مخمور دو چشم پرخماریم

Чун зулфи хуши ту бе сукӯнем

چون زلف خوش تو بی سکونیم

Чун ҳасани рух ту барқарорем

چون حسن رخ تو برقراریم

Мо дида биравӣ дӯст дорем

ما دیده بروی دوست داریم

Аз ҳуру биҳишти ёди норим

از حور و بهشت یاد ناریم

Даст аз ду ҷаҳон агар бишӯйем

دست از دو جهان اگر بشوییم

Бо ту нафасӣ агар барорем

با تو نفسی اگر برآریم

Аз баҳри нисори мақдами ту

از بهر نثار مقدم تو

Ҷону дил сарварон биорем

جان و دل سروران بیاریم

Аз баҳри тафохури ду олам

از بهر تفاخر دو عالم

Худро ски кӯй ту шуморем

خود را سک کوی تو شماریم

Гуфтӣ ба чаҳ гашта муқайяд ?

گفتی به چه گشته مقید؟

Побстаҳи бзлФи тобдорим

پابسته بزلف تابداریم

Чун партав рӯй ёри дидем

چون پرتو روی یار دیدیم

Аз ҳастӣ хеш барканорем

از هستی خویش برکناریم

То волаи ҳасани ҷонФзоиим

تا واله حسن جانفزاییم

Пурвои худ ва ҷаҳон надорем

پروای خود و جهان نداریم

Мастему харобу лоуболӣ

مستیم و خراب و لاابالی

Ҳайрони ҷамол он нигорем

حیران جمال آن نگاریم

Бо дард хушем эй асирӣ

با درد خوشیم ای اسیری

Бо ӯ чу ҳамеша ёр ғорем

با او چو همیشه یار غاریم