эй аз сифот гашта ҳувайдои ҳамаи сифот
شورش عشق تو درهیچ سری نیست که نیست
Зоти хуҷастаи ?ут шудаи мроти баҳри зот
منظر روی تو زیب نظری نیست که نیست
Наздик шуд ки даъвӣ пайғамбарӣ кунӣ
نیست یک مرغ دلی کش نفکندی بقفس
Каз хати китоби дорӣ ва аз ғамзаи мӯъҷизот
تیر بیداد تو تا پر به پری نیست که نیست
Як бӯсае зи ваҷҳ , закотам наме диҳӣ ?
ز فغانم ز فراق رخ و زلفت بفغان
Гуё ки фарз нест ба шаръи шумо закот
سگ کویت همه شب تا سحری نیست که نیست
Неи неи маро чаҳ ҳад ки чунин орзӯ кунам ?
نه همین از غم او سینهٔ ما صد چاک است
Бар чархи сари занам ки занами бӯсаи нақши пот
داغ او لاله صفت بر جگری نیست که نیست
Дигари бароти оташи дӯзах чаҳ ҳоҷатаст
موسیی نیست که دعویِّ انا الحق شنوَد،
Моро ҳамин басаст ки мардем аз барот
ورنه این زمزمه اندر شجری نیست که نیست
Доим ба раҳгузори ту асрори умедвор
گوش اسرار شنو نیست وگرنه اسرار
эй пайки нек пай бидиҳ аз меҳнатами наҷот
برش از عالم معنی خبری نیست که نیست