Ркўиии зӣ низом оварад он пер

رکویی زی نظام آورد آن پیر

Ки пар зар кун макун зинҳори тақсир

که پر زر کن مکن زنهار تقصیر

Низомаш гуфт ин ркўаҳ бузургаст

نظامش گفت این رکوه بزرگست

Ки дар ман мефитад гӯйӣ ки гургаст

که در من می‌فتد گویی که گرگست

Надорад гуфт судати пар зараш кун

ندارد گفت سودت پر زرش کن

Макун нимаи валикин то сараш кун

مکن نیمه ولیکن تا سرش کن

Кушоданд он дам аз дарҷии яке дар

گشادند آن دم از درجی یکی در

Ки то дар ркўаҳ карданд андакии зар

که تا در رکوه کردند اندکی زر

На он ркўаҳи тиҳии бастад на шуд давр

نه آن رکوه تهی بستد نه شد دور

Сета дар даст ӯ дармондаи дастур

سته در دست او درمانده دستور

Ба даҳ бор дигар зар кард бешаш

به ده بار دگر زر کرد بیشش

Чу ркўаҳ пар набад май буд пешаш

چو رکوه پر نبد می‌بود پیشش

Ба охири ркўаҳи пар зар кард ӯ ро

به آخر رکوه پر زر کرد او را

зи пеши худ фаротар кард ӯ ро

ز پیش خود فراتر کرد او را

Чу сӯфии зари ситад дар ҳолат афтод

چو صوفی زر ستد در حالت افتاد

Ба наздик низом омад боситод

به نزدیک نظام آمد باستاد

Нисораш кард бар сари ркўаҳи зар

نثارش کرد بر سر رکوه زر

Чу шуд ркўаҳи тиҳии афканд бар дар

چو شد رکوه تهی افکند بر در

Бадв гуфто нишастам рӯзгорӣ

بدو گفتا نشستم روزگاری

Ки то фарқи турои орми нисорӣ

که تا فرق ترا آرم نثاری

Чу андар хӯрд ту чизе надидам

چو اندر خورد تو چیزی ندیدم

зи ту бар ту фишондам ворҳидм

ز تو بر تو فشاندم وارهیدم

зи ту зари ҳам барои ту пазирам

ز تو زر هم برای تو پذیرم

зи ту гирами зар ва бар ту нагирам

ز تو گیرم زر و بر تو نگیرم

Ъзизо чун ту нақди он надорӣ

عزیزا چون تو نقد آن نداری

Ки султонро нисории дархури оре

که سلطان را نثاری درخور آری

зи ҳақ май хоҳи ҷонатро маъонӣ

ز حق می‌خواه جانت را معانی

Ки то ҳарчат диҳад бар вай фишонӣ

که تا هرچت دهد بر وی فشانی

Чаҳ давлат беш аз он донеи гадо ро

چه دولت بیش از آن دانی گدا را

Ки ҷонии брФшонди подшо ро

که جانی برفشاند پادشا را

Манам дар ишқ , саргардон бимонада

منم در عشق، سرگردان بمانده

зи худ бе худ шуда ҳайрон бимонада

ز خود بی خود شده حیران بمانده

Миёни хоб ва бедорем ҳолест

میان خواب و بیداریم حالیست

Ки ҷонамро дар он ҳад камолӣаст

که جانم را در آن حد کمالیست

Агар он дам набӯдӣ ҳосили ман

اگر آن دم نبودی حاصل من

Тиҳӣ кардӣ аз он дам , дами дили ман

تهی کردی از آن دم، دم دل من

Диламро аз ҷаҳони лиззати ҷуз он нест

دلم را از جهان لذت جز آن نیست

Чаҳ мегӯям ки он дам аз ҷаҳон нест

چه می‌گویم که آن دم از جهان نیست

Касе ков нест ошиқ одамӣ нест

کسی کاو نیست عاشق آدمی نیست

Ки ӯро бо чунон ҳамдам дамӣ нест

که او را با چنان همدم دمی نیست

Агар дар асли кори он дам набӯдӣ

اگر در اصل کار آن دم نبودی

Вуҷӯди одам ва олам набӯдӣ

وجود آدم و عالم نبودی

Дамии кон аз сар ишқаст ҷон ро

دمی کآن از سر عشق است جان را

Бидон дам зиндагӣ донам ҷаҳон ро

بدان دم زندگی دانم جهان را

Зиҳии аттор дар асрор рондан

زهی عطار در اسرار راندن

Мусаллам шуд турои гавҳар фишондан

مسلم شد ترا گوهر فشاندن

Аннанро бози каш аз роҳи асрор

عنان را باز کش از راه اسرار

Ки раҳ давраст ва мураккаб нест раҳвор

که ره دورست و مرکب نیست رهوار