Хӯн шуд ҷигари ми зи ғуссаи хеши маро
خون شد جگرم ز غصّهٔ خویش مرا
Вази бими раҳе ки ҳаст дар пеши маро
وز بیم رهی که هست در پیش مرا
Ҳаргиз нарасад ба нӯши тавҳиди дилам
هرگز نرسد به نوش توحید دلم
То каждум нафас мезанад неши маро
تا کژدم نفس میزند نیش مرا