Ошиқи зи ҳамаи кори ҷаҳони фард буд

عاشق ز همه کار جهان فرد بود

Аз ҳар ду ҷаҳон бугзараду мард буд

از هر دو جهان بگذرد و مرد بود

Пайвастаи дилаши гарму дамаши сард буд

پیوسته دلش گرم و دمش سرد بود

Аз нохуни пой то ба сари дард буд

از ناخنِ پای تا به سر درد بود