Гул гуфт : манам фитодаи сад кори имрӯз
گل گفت: منم فتاده صد کار امروز
Дар оташу хӯни мондаи гирифтори имрӯз
در آتش و خون مانده گرفتار امروز
Чаҳ бар сар оташам нишонед охир
چه بر سر آتشم نشانید آخر
Дар пой тамомаст марои хори имрӯз
در پای تمامست مرا خار امروز