Биёи соқӣ , он ҷоми хуршеди фом
بیا ساقی، آن جام خورشید فام
Ки мондааст бар ваии зи ҷамшеди ном
که مانده است بر وی ز جمشید نام
Бмни даҳ бпоёни перии магар
بمن ده بپایان پیری مگر
зи сари гирами ин даври комди басар
ز سر گیرم این دور کآمد بسر
Биёи соқӣ , эй дар кафати ҷоми ҷам
بیا ساقی، ای در کفت جام جم
Чу болои фарқи Фаридуни илм
چو بالای فرق فریدون علم
Туро зебади он Ковиёнии дирафш
تو را زیبد آن کاویانی درفش
Ки симинаи соқӣу зарринаи кафш
که سیمینه ساقی و زرینه کفش
Бмни даҳ ки чун Коваи хезами зи ҷой
بمن ده که چون کاوه خیزم ز جای
Сари тоҷ заҳҳок соем бпоӣ
سر تاج ضحاک سایم بپای
зи дил , дарди дерина берун кунам ;
ز دل، درد دیرینه بیرون کنم؛
Тамошои фар Фаридун кунам
تماشای فر فریدون کنم
Биёи соқӣ , он моя ӣ кину меҳр
بیا ساقی، آن مایه ی کین و مهر
Ки афрӯхт аз ваии манӯчеҳри чеҳр
که افروخت از وی منوچهر چهر
Бмни даҳ , ки аз сўк оем бсўр
بمن ده، که از سوک آیم بسور
Кашами кӣна ӣ Эраҷ аз силам ва ту р
کشم کینه ی ایرج از سلم و تو ر
Биёи соқӣ , он нўшдорўӣ май
بیا ساقی، آن نوشداروی می
Ки дархости рустами зи Ковӯс кӣ
که درخواست رستم ز کاووس کی
Бмни даҳ , ки Суҳробем зхмнок
بمن ده، که سهرابیم زخمناک
Падар карда паҳлуем аз теғи чок
پدر کرده پهلویم از تیغ چاک
Биёи соқӣ , он об чун офтоб
بیا ساقی، آن آب چون آفتاب
Ки сурхаст чун теғи афросйоб
که سرخ است چون تیغ افراسیاب
Бмни даҳ , ки аз ҷон барорам хурӯш
بمن ده، که از جان برآرم خروش
Чаҳ хӯн Сиёвуш оем Биҷӯш
چه خون سیاووش آیم بجوش
Шиносад ҳар онкас ки биҳуш нест
شناسد هر آنکس که بیهوش نیست
Ки май , кам зи хӯн Сиёвуш нест
که می، کم ز خون سیاووش نیست
Биёи соқӣ , он ҷоми Кайхусравӣ
بیا ساقی، آن جام کیخسروی
Бмни даҳ , даҳум то ҷаҳонро навай
بمن ده، دهم تا جهان را نوی
Бигӯям чаҳор дидаи зи ойин ӯ
بگویم چهار دیده ز آیین او
Ҷҳни байни ман , чун ҷаҳони байн ӯ
جهن بین من، چون جهان بین او
Туро рози ояндаи гуфтани ҳавас
تو را راز آینده گفتن هوس
Маро ончӣ дидам , бар ӯ рафтаи бас
مرا آنچه دیدم، بر او رفته بس
Биёи соқӣ , он нори парварда ро
بیا ساقی، آن نار پرورده را
Ки хуш карда гулнори гавани парда ро
که خوش کرده گلنار گون پرده را
Бмни даҳ , ки тарки фалаки бигноаҳ
بمن ده، که ترک فلک بیگناه
Чу бежани Фгндми бчоаҳи сиёҳ
چو بیژن فگندم بچاه سیاه
Магари духтари рузи бдлдорим
مگر دختر رز بدلداریم
Кунад чун Манижа парасторем
کند چون منیژه پرستاریم
Биёи соқӣ , он ҷоми лҳроспӣ
بیا ساقی، آن جام لهراسپی
Мклл чу иклили Гуштоспӣ
مکلل چو اکلیل گشتاسپی
Бмни даҳ , ки рӯеи тан аз пӯри зол
بمن ده، که رویی تن از پور زال
Надид ончӣ дидам аз ин пери зол !
ندید آنچه دیدم از این پیر زال!
Биёи соқии он соғари даҳ манӣ
بیا ساقی آن ساغر ده منی
Бмни даҳ , ки дорам сари баҳманӣ
بمن ده، که دارم سر بهمنی
Магар гом наниҳода дар коми мор
مگر گام ننهاده در کام مار
зи зобули кашами кини Исфандиёр
ز زابل کشم کین اسفندیار
Биёи соқӣ , имшаби дарин глшнк
بیا ساقی، امشب درین گلشنک
Май равшанами бахш чун равшанак
می روشنم بخش چون روشنک
Ки аз хӯни доро буд ғоза аш
که از خون دارا بود غازه اش
Сикандар шавад маст аз овоза аш
سکندر شود مست از آوازه اش
Магари кини дорои зи гардуни кашам
مگر کین دارا ز گردون کشم
Дирафши Сикандари бҳомўни кашам
درفش سکندر بهامون کشم
Биёи соқӣ , он ҷоми ойӣнаи ранг
بیا ساقی، آن جام آیینه رنگ
Ки давр аз Сикандар гирифтааст занг
که دور از سکندر گرفته است زنگ
Бмни даҳ , ки софӣ кунам сина ро
بمن ده، که صافی کنم سینه را
Буруни орм аз занги ойӣна ро
برون آرم از زنگ آیینه را
Биёи соқӣ , он май ки шоҳи Ардашер
بیا ساقی، آن می که شاه اردشیر
Кашидӣу киштии бшмшири шер
کشیدی و کشتی بشمشیر شیر
Бмни даҳ , ки Кирмони бадвад ва бидод
بمن ده، که کرمان بدود و بداد
Ситонами бики ҳафта аз ҳафт воад
ستانم بیک هفته از هفت واد
Биёи соқӣ , он май ки баҳром хӯрд
بیا ساقی، آن می که بهرام خورد
Бшири аФгнӣ аз миёни тоҷи барад
بشیر افگنی از میان تاج برد
Бмни даҳ , з ман бишинав он саргузашт
بمن ده، ز من بشنو آن سرگذشت
Ки баҳром дар гӯр ва , гӯрони бдшт
که بهرام در گور و، گوران بدشت
Биёи соқӣ , он коса ӣ Касравӣ
بیا ساقی، آن کاسه ی کسروی
Ки бахшад тиҳии кӣсаро хусравӣ
که بخشد تهی کیسه را خسروی
Бмни даҳ , ки соғари з дастам фитод
بمن ده، که ساغر ز دستم فتاد
Бтоқи дил аз ғам шикастам фитод
بطاق دل از غم شکستم فتاد
Биёи соқӣ , он ҷоми лабрез ро
بیا ساقی، آن جام لبریز را
Шикаррез кун номи парвиз ро
شکرریز کن نام پرویز را
Бмни даҳ ҳамаи ма чаҳ ғарра чаҳ слх
بمن ده همه مه چه غره چه سلخ
Ки ширин кунад коми талхи оби талх
که شیرین کند کام تلخ آب تلخ
Нмонм дигар дар дил аз фоқаи ранҷ
نمانم دگر در دل از فاقه رنج
Гушойам аз он ҳафт хати ҳашт ганҷ
گشایم از آن هفت خط هشت گنج
Биёи соқӣ , он шамъи оташкада
بیا ساقی، آن شمع آتشکده
зи шамъи рухи андари дил оташ зада
ز شمع رخ اندر دل آتش زده
Аз он оташтар , ки зардушт дошт
از آن آتش تر، که زردشت داشت
Аз он соғари зар , ки дар мушт дошт
از آن ساغر زر، که در مشت داشت
Бмни даҳ ки равған надорад чароғ
بمن ده که روغن ندارد چراغ
Буд хушкам аз оташи дили димоғ ( ? ! )
بود خشکم از آتش دل دماغ(؟!)
Биёи соқӣ , он офати кибру ноз
بیا ساقی، آن آفت کبر و ناز
Бмни даҳ , ки осоем аз ҳар ду боз
بمن ده، که آسایم از هر دو باز
Чехияанд бкоми он ,гар аз ваии дамӣ
چکاند بکام آن، گر از وی دمی
Расонади блби ин ,гар аз вай наме
رساند بلب این، گر از وی نمی
Ҳам Ашъас шавад шуҳра номаш биҷӯад
هم اشعث شود شهره نامش بجود
Ҳам Иблиси орад бар одами суҷуд
هم ابلیس آرد بر آدم سجود
Биёи соқӣ , обӣ ки рӯзи нахуст
بیا ساقی، آبی که روز نخست
зи гирди адами хок одам бишуст
ز گرد عدم خاک آدم بشست
Бмни даҳ , ки хезами бшкри вуҷӯд
بمن ده، که خیزم بشکر وجود
Бпрўрдгори худ орми суҷуд
بپروردگار خود آرم سجود
Биёи соқӣ , он киштии Нӯҳ ро
بیا ساقی، آن کشتی نوح را
Биёи соқӣ , он роҳати рӯҳ ро
بیا ساقی، آن راحت روح را
Бмни даҳ , ки дардам надорад пизишк
بمن ده، که دردم ندارد پزشک
Фитодам бтўФони зи сайли сиришк
فتادم بطوفان ز سیل سرشک
Биёи соқӣ , он мез хон халил
بیا ساقی، آن می ز خوان خلیل
Каз он тандурустии пазиради алил
کز آن تندرستی پذیرد علیل
Бмни даҳ , каз он оби кавсари сиришт
بمن ده،کز آن آب کوثر سرشت
Кунам нори намруди боғи биҳишт
کنم نار نمرود باغ بهشت
Биёи соқӣ , обӣ ки оташ вааш аст
بیا ساقی، آبی که آتش وش است
Бмни даҳ , ки на об ва на оташ аст
بمن ده، که نه آب و نه آتش است
Гар обаст , аз он хона равшан чарост ? !
گر آبست، از آن خانه روشن چراست؟!
Вари оташ , аз он базм гулшан чарост ? !
ور آتش، از آن بزم گلشن چراست؟!
Ҳамоно ки омехт дардии кашӣ
همانا که آمیخت دردی کشی
зи Хизри обӣ ва аз халили оташӣ
ز خضر آبی و از خلیل آتشی
Биёи соқӣ , он ҷони навози ҷаҳон
بیا ساقی، آن جان نواز جهان
Ки нӯшед Хизр аз Сикандари ниҳон
که نوشید خضر از سکندر نهان
Бмни даҳ ки аз дасти киштии шикан
بمن ده که از دست کشتی شکن
Харобӣ кунам дар хароботи тан
خرابی کنم در خرابات تن
Чунон ков зад оташи бҳкми қадар
چنان کاو زد آتش بحکم قدر
Писари кишт косўдаҳ монад падар
پسر کشت کاسوده ماند پدر
Даҳуми ранги ман низ ногашта маст
دهم رنگ من نیز ناگشته مست
Бхўни ҷигари гӯша ӣ токи даст
بخون جگر گوشه ی تاک دست
Мабод аз хумори орадами сари бадарад
مباد از خمار آردم سر بدرد
Кунад оқибат , ончӣ бояд накард
کند عاقبت، آنچه باید نکرد
Биёи соқии он май зи ҷоми булӯр
بیا ساقی آن می ز جام بلور
Ки чун оташаш дид Мӯсо ба тавр
که چون آتشش دید موسی به طور
Бмни даҳ , ки то хома ӣ бе баҳо
بمن ده، که تا خامه ی بی بها
Кунам чу Н Асоӣ кулем аждаҳо
کنم چو ن عصای کلیم اژدها
Биёи соқӣ , он рӯҳпарвар сабу
بیا ساقی، آن روح پرور سبو
Ки Марям шуд обистан аз буи ӯ
که مریم شد آبستن از بوی او
Чу исои бмни даҳ , ду ҷоми сабӯҳ
چو عیسی بمن ده، دو جام صبوح
Ки бар хоки одами дамами тозаи рӯҳ
که بر خاک آدم دمم تازه روح
Биёи соқӣ , он Юсуф май бмн
بیا ساقی، آن یوسف می بمن
Ки дорад зи минои бетони перҳан
که دارد ز مینا بتن پیرهن
Аз он чун шамемам расад бар машом
از آن چون شمیمم رسد بر مشام
Шиносам чу ёқӯби субҳии зи шом
شناسم چو یعقوب صبحی ز شام
Биёи соқӣ , он май ки чун моидаҳ
بیا ساقی، آن می که چون مایده
Барандон шаб ид шуд оида
برندان شب عید شد عایده
Бмни даҳ ки сӣ рӯз шуд рӯза ам
بمن ده که سی روز شد روزه ام
Баҳр дар магардон бдриўзаҳ ам
بهر در مگردان بدریوزه ام
Биёи соқӣ , он бикр чун ҳури айн
بیا ساقی، آن بکر چون حور عین
Ки дар хам сар оварад як арбаъӣн
که در خم سر آورد یک اربعین
Бмни даҳ , ки чли солаи танҳоӣам
بمن ده، که چل ساله تنهاییم
Фгнд аз фалаки ташти расвоӣам
فگند از فلک طشت رسواییم
Биёи соқӣ , он май ки чун слсбил
بیا ساقی، آن می که چون سلسبیل
Сириштии зи кофур ва аз занҷабил
سرشتی ز کافور و از زنجبیل
Бмни даҳ , ки оташ бҷонм гирифт
بمن ده، که آتش بجانم گرفت
Дил аз гарму сард ҷаҳонам гирифт
دل از گرم و سرد جهانم گرفت
Биёи соқӣ , он моя ӣ эминӣ
بیا ساقی، آن مایه ی ایمنی
Каз он дӯстӣ хост , на душманӣ
کز آن دوستی خاست، نه دشمنی
Бмни даҳ , ки аз кин гароем бмҳр
بمن ده، که از کین گرایم بمهر
Бҷомӣ кунам оштӣ бо сипеҳр
بجامی کنم آشتی با سپهر
Биёи соқӣ , эй чашмат аз май хароб
بیا ساقی، ای چشمت از می خراب
Дареғат чаро ояд аз ташнаи об ? !
دریغت چرا آید از تشنه آب؟!
Магар нест дар гӯшт аз мефуруш
مگر نیست در گوشت از میفروش
Ки ҷомӣ банушон ва ҷомӣ бануш
که جامی بنوشان و جامی بنوش
Вагар бинӣ эй моҳи хуршеди ҷом
وگر بینی ای ماه خورشید جام
Ки дар хӯрд ман нест ҷоми тамом
که در خورد من نیست جام تمام
Аз он ҷоми каш нима хӯрдӣ бидиҳ
از آن جام کش نیمه خوردی بده
Агар соф ҳайфаст , дардӣ бидиҳ !
اگر صاف حیف است، دردی بده!
Биёи соқӣ , эй ҳасанати ошӯби шаҳр
بیا ساقی، ای حسنت آشوب شهر
Гуворои зи ширини забоняти заҳр
گوارا ز شیرین زبانیت زهر
Бширин гўорӣ май талхи хур
بشیرین گواری می تلخ خور
Махӯр ғам , ки талхаст волҳқи мар
مخور غم، که تلخ است والحق مر
Биёи соқӣ , он ҷоми гулнори ранг
بیا ساقی، آن جام گلنار رنگ
Каш аз бӯ чу булбул хурӯшед чанг
کش از بو چو بلبل خروشید چنگ
Бмни даҳ , ки буи гулам орзӯаст
بمن ده، که بوی گلم آرزوست
Хурӯшидан булбулам орзӯаст
خروشیدن بلبلم آرزوست
Биёи соқӣ , он ҷоми фирӯзаи гаван
بیا ساقی، آن جام فیروزه گون
Чу фирӯза дар даст дорад шгўн
چو فیروزه در دست دارد شگون
Бмни даҳ , ки фирӯзем орзӯаст
بمن ده، که فیروزیم آرزوست
Ҳамаи рӯза , ин рӯзем орзӯаст
همه روزه، این روزیم آرزوست
Биёи соқӣ , он май каз он субҳгоҳ
بیا ساقی، آن می کز آن صبحگاه
Шавад меҳри равшан чу аз меҳри моҳ
شود مهر روشن چو از مهر ماه
Бмни даҳ ки на моҳ ҷӯям на меҳр
بمن ده که نه ماه جویم نه مهر
Бихандами брФтори гардони сипеҳр
بخندم برفتار گردان سپهر
Биёи соқӣ , он май ки ҳуш оварад
بیا ساقی، آن می که هوش آورد
Дили хуфтагонро Биҷӯш оварад
دل خفتگان را بجوش آورد
Бмни даҳ ки ҳушёрем орзӯаст
بمن ده که هشیاریم آرزوست
Аз ин хоб , бедорем орзӯаст
از این خواب، بیداریم آرزوست
Биёи соқӣ , он май ки пери Муғон
بیا ساقی، آن می که پیر مغان
Фиристод асҳобро армағон
فرستاد اصحاب را ارمغان
Бмни даҳ ки субҳасту вақти сабӯҳ
بمن ده که صبح است و وقت صبوح
Хурӯс саҳар гуфт : алроҳи рӯҳ
خروس سحر گفت: الراح روح
Биёи соқии он мўмёӣӣ май
بیا ساقی آن مومیائی می
Ки ҷӯяд шикастаи дурустии зи вай
که جوید شکسته درستی ز وی
Бмни даҳ ки паймона ӣ дили зи даст
بمن ده که پیمانه ی دل ز دست
Фитод ва чу паймони мисатони шикаст
فتاد و چو پیمان مستان شکست
Биёи соқӣ эй боғбони биҳишт
بیا ساقی ای باغبان بهشت
Срҷўӣ бигушо ки хушкаст кишт
سرجوی بگشا که خشک است کشت
Бидиҳ обӣ , ин кишти пажмурда ро
بده آبی، این کشت پژمرده را
Биҷӯшовар ин хӯни афсурда ро
بجوش آور این خون افسرده را
Биёи соқӣ , он май ки дай доштӣ
بیا ساقی، آن می که دی داشتی
Вази он ҷустии ислому куфри оштӣ
وز آن جستی اسلام و کفر آشتی
Бмни даҳ , ки аз каъба оем бдир
بمن ده، که از کعبه آیم بدیر
Ҳам шани баҳами сулҳу алслҳи хайр
هم شان بهم صلح و الصلح خیر
Биёи соқӣ , он кимиёии мурод
بیا ساقی، آن کیمیای مراد
Ки ҳар кӯ хӯрд , норад аз фоқаи ёд
که هر کو خورد، نارد از فاقه یاد
Бмни даҳ , ки аз дасти танагии раҳам
بمن ده، که از دست تنگی رهم
Бзўри зар , аз зарди рангии раҳам
بزور زر، از زرد رنگی رهم
Биёи соқӣ , он доруии нӯши баҳр
بیا ساقی، آن داروی نوش بهر
Ки доруӣ дардасту трёқи заҳр
که داروی درد است و تریاق زهر
Бмни даҳ , ки афъии ғами ҷони гзост
بمن ده، که افعی غم جان گزاست
Бағамгар нуҳуми ном афъӣ сазост
بغم گر نهم نام افعی سزاست
Биёи соқӣ Эй ?наргаст ним хоб
بیا ساقی ای نرگست نیم خواب
Блби ташнагони даҳ зи хӯни хами об
بلب تشنگان ده ز خون خم آب
Ҳамаи шаб чу зи андӯҳ хоб оядам
همه شب چو ز اندوه خواب آیدم
Ҳамаи рӯза , чун рӯзе боядам
همه روزه، چون روزیی بایدم
Бахшати хамам , ба зи зонуати сар
بخشت خمم، به ز زانوت سر
Блби хӯни хам , ба ки хӯни ҷигар
بلب خون خم، به که خون جگر
Бикаш соқӣ , аз ҷоми зари оби руз
بکش ساقی، از جام زر آب رز
Агар нақли хоҳӣ , лаби худ бмз
اگر نقل خواهی، لب خود بمز
Варати ҷом зар нест , пар кун суфол ;
ورت جام زر نیست، پر کن سفال؛
Ки май аз суфолам хуш ояд бФол
که می از سفالم خوش آید بفال
Биёи соқии имшаб ки бар рӯй ту
بیا ساقی امشب که بر روی تو
Маи нави бубинам чу абрӯии ту
مه نو ببینم چو ابروی تو
Ки баст аз чаҳ абри баҳории ттқ
که بست از چه ابر بهاری تتق
Ҳамон менамояд ҳилол аз уфуқ
همان مینماید هلال از افق
Чу симини калидӣ ки шабҳои ид
چو سیمین کلیدی که شبهای عید
Гушойанд майхонаҳо зи он калид
گشایند میخانه ها ز آن کلید
Ва ё дасти ноҳидро мшгрост
و یا دست ناهید را مشگراست
Ки гӯши сипеҳр аз навояш кар аст
که گوش سپهر از نوایش کر است
Гирифтаи дафи лоҷувардии бкФ
گرفته دف لاجوردی بکف
Ҳаме сояд ангушти симини бдФ
همی ساید انگشت سیمین بدف
Биёи соқии он ҷоми каш май фуруш
بیا ساقی آن جام کش می فروش
Тиҳӣ кард аз лаъли гавани бодаи дӯш
تهی کرد از لعل گون باده دوش
Саҳар пеш мегаван лаби Ораш чу кӣ
سحر پیش میگون لب آرش چو کی
Ки чун ғунча лабрез гардад з май
که چون غنچه لبریز گردد ز می