эй самиъӣ расед номаи ту
ای سمیعی رسید نامهٔ تو
Нома ту раседу чомаи ту
نامهٔ تو رسید و چامهٔ تو
Чома , ширину дилнишин чу асал
چامه، شیرین و دلنشین چو عسل
Нома , хиролкломи қулу дил
نامه، خیرالکلام قلّ و دلّ
Он иборот бо равони мأнўс
آن عباراتِ با روان مأنوس
Ваон хати хуб чун пари товус
وان خط خوب چون پر طاووس
Хосса шеърӣ бидон длороиӣ
خاصه شعری بدان دلارایی
Ҷони Фзотри зи аҳди бурное
جانفزاتر ز عهد برنایی
Мутаҳайир шудам чаҳ арз кунам
متحیر شدم چه عرض کنم
Шеъру хати хуш аз ки қарз кунам
شعر و خط خوش از که قرض کنم
Бо чунин табъи хастау хати зишт
با چنین طبع خسته و خط زشت
Чун тавонам ҷавоб хоҷа навишт
چون توانم جواب خواجه نوشت
Машқ кардам з рӯй он бисёр
مشق کردم ز روی آن بسیار
Ҳифз шуд бас ки кардамаш такрор
حفظ شد بس که کردمش تکرار
Кард ҳаркас ба пурсишии ёдам
کرد هرکس به پرسشی یادم
Номаи хоҷаро нишон додам
نامهٔ خواجه را نشان دادم
Фахр кардам ки дар замонаи мо
فخر کردم که در زمانهٔ ما
Ҳаст мардии чунин миёнаи мо
هست مردی چنین میانهٔ ما
Фахри дигар ки ин гиромии мард
فخر دیگر که این گرامیمرد
Дар чунин номаи ёдӣ аз ман кард
در چنین نامه یادی از من کرد
Хоҷа донад ки чанд мурда буд
خواجه داند که چند مرده بود
Аҷзи моро ҳисоб карда буд
عجز ما را حساب کرده بود
Шуълаи шавқ чун забона занад
شعلهٔ شوق چون زبانه زند
Орзӯи тир бар нишона занад
آرزو تیر بر نشانه زند
Гарчи сахт аз ҳаёти дилгирам
گرچه سخت از حیات دلگیرم
Лек хоҳам ки дар ватан меРом
لیک خواهم که در وطن میرم
Ҷон сипорам ба хоки поки ватан
جان سپارم به خاک پاک وطن
Дафни гирдам ба зери хоки ватан
دفن گردم به زیر خاک وطن
эй самиъӣ , ба холиқи ду саро
ای سمیعی، به خالق دو سرا
Дами гарми ту зинда кард маро
دم گرم تو زنده کرد مرا
Гар биҷунбад ба хоки сояи ман
گر بجنبد به خاک سایهٔ من
Ҷунбиш меҳр туаст мояи ман
جنبش مهر توست مایهٔ من
Вар барояд зи ман чу чанги овоз
ور برآید ز من چو چنگ آواز
Дами ҷон бахш туаст чанги навоз
دَمِ جانبخش توست چنگنواز
Риштае кам ба зиндагӣ баста аст
رشتهای کم به زندگی بسته است
Торҳояши тамом бигусаста аст
تارهایش تمام بگسسته است
Ҳаст танҳо ба ҷой аз он пайванд
هست تنها بهجای از آن پیوند
Ълқаҳи суҳбати рафиқӣ чанд
علقهٔ صحبت رفیقی چند
Дӯстоне ки шамъ анҷуман анд
دوستانی که شمع انجمناند
Охирин шуълаи ҳаёт ман анд
آخرین شعلهٔ حیات مناند
Зон ки ҷой дигар тамизӣ нест
زان که جای دگر تمیزی نیست
Ҷузи риёу фиреб чизе нест
جز ریا و فریب چیزی نیست
Баҳри ман суҳбати ҳунармандон
بهر من صحبت هنرمندان
Бӯстонасту ғайри азуи зиндон
بوستانست و غیر ازو زندان
Гарчи зи иқболи номусоиди ман
گرچه ز اقبال نامساعد من
Нест онҷои ҳам аз ҳасуди эмин
نیست آنجا هم از حسود ایمن
Шнъти ҳосиди андари он толор
شنعت حاسد اندر آن تالار
Ёдгорӣаст бар дару девор
یادگاریست بر در و دیوار
Ёдгорӣ ки ҷуз вақоҳат нест
یادگاری که جز وقاحت نیست
Ғайри бадбахтӣ ва фазоҳат нест
غیر بدبختی و فضاحت نیست
Лек бо ранҷ , роҳатӣ ҳам ҳаст
لیک با رنج، راحتی هم هست
Бо азоби истироҳатӣ ҳам ҳаст
با عذاب استراحتی هم هست
Миннати эзад ки дӯстон ҷамъанд
منت ایزد که دوستان جمعند
Ҳамаи парвонагон он шамъанд
همه پروانگان آن شمعند
Баҳри як бенамоз дар ислом
بهر یک بینماز در اسلام
Дар масҷид набаста ҳеҷ эмом
در مسجد نبسته هیچ امام
Дар ҷаҳони соҳибони ақли салим
در جهان صاحبان عقل سلیم
Бҳркикии нсўхтнди гилӣм
بهرکیکی نسوختند گلیم
эй самиъии сухан ба поён шуд
ای سمیعی سخن به پایان شد
Хиҷлату аҷзи ман намоён шуд
خجلت و عجز من نمایان شد
Хизмат аз ман ба анҷуман бирасон
خدمت از من به انجمن برسان
Ба якояки салом ман бирасон
به یکایک سلام من برسان
Умарои каломро зини сӯй
امرای کلام را زین سوی
Як ба як бӯсаи зан ба даст ва ба рӯй
یک به یک بوسه زن به دست و به روی
Вар буд шоҳидии шкргФтор
ور بود شاهدی شکرگفتار
Гармтар бӯсаи зан ба ёди баҳор
گرمتر بوسه زن به یاد بهار