Дигар тазаллуми мо оҷизон куҷо бирасад

دگر تظلم ما عاجزان‌کجا برسد

Басаст нолаи могар ба гӯш мо бирасад

بس است نالهٔ ماگر به‌گوش ما برسد

Ба хоки мнтзронт бҳоркоштаҳ анд

به خاک منتظرانت بهارکاشته‌اند

Биёи зи чашми диҳеми об то ҳино бирасад

بیا ز چشم دهیم آب تا حنا برسد

Касе ба менакунад чораи хумори вафо

کسی به می نکند چارهٔ خمار وفا

Паёмӣ аз ту расад қои димоғ мо бирасад

پیامی از تو رسد قا دماغ ما برسد

Сбкрўони зи ғами зоа ва манзил озоданд

سبکروان ز غم زاه و منزل آزادند

Садои зи хеши гузаштаи сет ҳар куҷо бирасад

صدا ز خویش‌گذشته‌ست هر کجا برسد

Тамомии хати паргор бекамолӣ нест

تمامی خط پرگار بی‌کمالی نیست

Дуо кунед сари мо ба нақш по бирасад

دعا کنید سر ما به نقش‌ پا برسد

зи оҳ , бе ҷигари чок баҳра натавон барад

ز آه‌، بی‌جگر چاک بهره نتوان برد

Гушӯдании сет дар хона то ҳаво бирасад

گشودنی‌ست در خانه تا هوا برسد

зи саъии қомат хам гашта чашм он дорам

ز سعی قامت خم‌ گشته چشم آن دارم

Ки рафтаи рафта ба он турра дўто бирасад

که رفته رفته به آن طرهٔ دوتا برسد

Стмкши ҳаваси норасои иқболам

ستمکش هوس نارسای اقبالم

Ба устихон расадам кор то ҳумо бирасад

به استخوان رسدم‌ کار تا هما برسد

Димоғ шиква надорам вагарна ме гуфтам

دماغ شکوه ندارم وگرنه می‌گفتم

Ба дӯстони з фаромӯшӣам дуо бирасад

به دوستان ز فراموشی‌ام دعا برسد

Ба олимӣ ки амл мекашад маҳосини шайх

به عالمی‌که امل می‌کشد محاسن شیخ

Крости тоб расӣдани магар қазо бирасад

کراست تاب رسیدن مگر قضا برسد

Зкўшшаст ки дастат ба доманӣ нарасад

زکوشش است‌که دستت به دامنی نرسد

Агар дароз кунӣ по ба муддао бирасад

اگر دراز کنی پا به مدعا برسد

Чунин ки сарф тамаъ кардӣ обрӯи бедил

چنین‌ که صرف طمع‌ کردی آبرو بیدل

Арақ куҷост агар навбат ҳаё бирасад

عرق کجاست اگر نوبت حیا برسد