Мактуби мақсади мо аз биксӣ фиғон шуд

مکتوب مقصد ما از بیکسی فغان شد

Қосид нашуд муяссари дил хӯн шуд ва равон шуд

قاصد نشد میسر دل خون شد و روان شد

Дил бе рухи ту ҳайҳот бо нола рафт дар хок

دل بی‌رخ تو هیهات با ناله رفت در خاک

Восўхти ин сапандони чндонкаҳи серума дон шуд

واسوخت این سپندان چندانکه سرمه‌دان شد

Кардам ба сад таъаммули бунёди аҷзи муҳкам

کردم به صد تأمل بنیاد عجز محکم

Ин пунбаи бскаҳ бар худ печид ресмон шуд

این پنبه بسکه بر خود پیچید ریسمان شد

То ҳашари боли аъмол бояд кашид бар дӯш

تا حشر بال اعمال باید کشید بر دوش

Ин як нафаси бизоъати сад ноқа корвон шуд

این یک نفس بضاعت صد ناقه‌کاروان شد

Шамъи бисоти моро дар коргоҳи таслим

شمع بساط ما را در کارگاه تسلیم

Ҳарчанд азми по буд русуӣ осмон шуд

هرچند عزم پا بود روسوی آسمان شد

Ташвиши рӯзӣ охир нагузошт домани мо

تشویش روزی آخر نگذاشت دامن ما

Гандуми қафои одам аз баси давид нон шуд

گندم قفای آدم از بس دوید نان شد

Касби вкмол дар халқи пар обрӯ надорад

کسب وکمال در خلق پر آبرو ندارد

Бар дӯши баҳри охири мавҷ гуҳаргарон шуд

بر دوش بحر آخر موج گهرگران شد

Ҷамъияти адамро азкФ наметавон дод

جمعیت عدم را ازکف نمی‌توان داد

Дарёади байза бояд машғӯл ошён шуд

دریاد بیضه باید مشغول آشیان شد

Дил дар хаёли дидори ойӣнаи хона Эй дошт

دل در خیال دیدار آیینه خانه‌ای داشت

То бар варақ зад оташ товус пурфишон шуд

تا بر ورق زد آتش طاووس پرفشان شد

Аз улфати рафиқон бо биксӣ бисозед

از الفت رفیقان با بیکسی بسازید

Каси ҳамАннан кас нест аз марг имтиҳон шуд

کس همعنان‌کس نیست از مرگ امتحان شد

Аз аҷз мо магӯӣед аз ҳол мо мапурсед

از عجز ما مگویید از حال ما مپرسید

Ҳарчанд ҷумла бошем чизе наметавон шуд

هرچند جمله باشیم چیزی نمی‌توان شد

Бедили надоди таҳқиқ аз шахси мо нишоне

بیدل نداد تحقیق از شخص ما نشانی

Борӣ ба арзи тимсоли ойӣна меҳрбон шуд

باری به عرض تمثال آیینه مهربان شد