Кӯи завқи нигоҳӣ ки ба ҳангоми тамошо
کو ذوق نگاهی که به هنگام تماشا
Чун дидаи гиребони дирам аз номи тамошо
چون دیده گریبان درم از نام تماشا
Чашмам ба таманнои тўгрдонди нигоҳӣ
چشمم به تمنای تو گرداند نگاهی
Гул кард ба сад ранги хати ҷоми тамошо
گل کرد به صد رنگ خط جام تماشا
Шуд ъмрўбаҳи роҳи талабати чашми нбстм
شد عمر و به راه طلبت چشم نبستم
Қосид мижаам сӯхт ба пайғоми тамошо
قاصد مژهام سوخت به پیغام تماشا
Ҳшдоркаҳи ин манзар найранг надорад
هشدار که این منظر نیرنگ ندارد
Ғайр аз мижа бардоштанат боми тамошо
غیر از مژه برداشتنت بام تماشا
То оинаи ?ути занги тағофули нздоид
تا آینهات زنگ تغافل نزداید
Ҳаргиз ба чароғӣ нарасад шоми тамошо
هرگز به چراغی نرسد شام تماشا
Чун шамъ ҳузурӣ нашуд ойӣнаи ҳушат
چون شمع حضوری نشد آیینهٔ هوشت
Нопухтаи абаси сӯхтӣ эй хоми тамошо
ناپخته عبث سوختی ای خام تماشا
Зон ҳалқаи ибрат ки хами қомати перии сет
زان حلقهٔ عبرت که خم قامت پیریست
ДордкФи хоки ту ниҳони доми тамошо
دارد کف خاک تو نهان دام تماشا
Ҳрмонкдаҳи анҷуман ҳол надорад
حرمانکدهٔ انجمن حال ندارد
Сайдӣ ба фаромӯшии айёми тамошо
صیدی به فراموشی ایام تماشا
Фрёдкаҳи чашмӣ ба таъаммул нагушӯдем
فریاد که چشمی به تأمل نگشودیم
Рафтем азин марҳалаи нокоми тамошо
رفتیم ازین مرحله، ناکام تماشا
Мазмуни ҷаҳони рочқдри қофия танг аст
مضمون جهان را چقدر قافیه تنگ است
Яксар мижа бастем ба эҳроми тамошо
یکسر مژه بستیم به احرام تماشا
Монанди шарари тавъами азин ғамкада гул кард
مانند شرر توأم ازین غمکده گل کرد
Оғози нигоҳи ману анҷоми тамошо
آغاز نگاه من و انجام تماشا
Бедил ба кушоди мижа заҳмат напасандӣ
بیدل به گشاد مژه زحمت نپسندی
Манзур вафо нест гули андоми тамошо
منظور وفا نیست گلاندام تماشا