Нишастае зи дили танг бар дар тсдиъ
نشستهای ز دل تنگ بر در تصدیع
Дамӣ ки вошўди ин қуфл олимӣаст васеъ
دمیکه واشود این قفل عالمیست وسیع
Ба хеш гар нарисӣ он қадр ғробт нест
به خویش گر نرسی آنقدر غرابت نیست
Ки саркашедае аз коргоҳи сунъи бадеъ
که سرکشیدهای از کارگاه صنع بدیع
Талаби з ҳарчӣ тасаллӣ шавад ғанимати гир
طلب ز هرچه تسلی شود غنیمتگیر
Ба ҷўъ май макади ангушти хубаши Тифли рзиъ
به جوع میمکد انگشت خوبش طفل رضیع
Қиёматаст тамаъи з амтло наме мерад
قیامت است طمع ز امتلا نمیمیرد
Ки то ба ҳалқ расида аст мехӯрд тшниъ
که تا به حلق رسیده است میخورد تشنیع
Чаҳ ғифлатаст ки чун шамъи гул ба сар бошӣ
چه غفلت است که چون شمع گل به سر باشی
Ба зери теғ нишастан надорад ин тақтеъ
به زیر تیغ نشستن ندارد این تقطیع
Ба гирди қосиди ҳиммат расӣдан осон нест
بهگرد قاصد همت رسیدن آسان نیست
зи мақсади онтрФши бардаи гомҳои васеъ
ز مقصد آنطرفش برده گامهای وسیع
Бидӯни хоки ҳузур яқин нашуд равшан
بدون خاک حضور یقین نشد روشن
Чароғи нақш қадам дошт ин бисоти рафеъ
چراغ نقش قدم داشت این بساط رفیع
Бақои фано ба канору фанои бақо ба бағал
بقا فنا به کنار و فنا بقا به بغل
Ҳамин рабиъу хриФсти ҳам хриФи врбиъ
همین ربیع و خریفست هم خریف وربیع
зи шарми чашм гушӯдан ба боргоҳи ҳузур
ز شرم چشم گشودن به بارگاه حضور
Арақи ту оинаи пардоз то барем шафиъ
عرق تو آینه پرداز تا بریم شفیع
Пас аз таъаммул бисёр шуд аёни бедил
پس از تأمل بسیار شد عیان بیدل
Ки иллатаст тафовутгари матоъу мутӣъ
که علت است تفاوتگر مطاع و مطیع