Мижаи хобоандаму дилро ба ҷамъият илм кардам

مژه خواباندم و دل را به جمعیت علم کردم

Тамошо пургаронӣ дошт бар дӯшӣ ки хам кардам

تماشا پرگرانی داشت بر دوشی‌که خم‌کردم

зи даври соғар имкон задам фоли фаромӯшӣ

ز دور ساغر امکان زدم فال فراموشی

Бар аъдоди хаёли ин ҳалқаи сифрӣ буд кам кардам

بر اعداد خیال این حلقه صفری بود کم کردم

Ба хоб зиндагӣ дидам сиёҳӣ кам наме гардад

به خواب زندگی دیدم سیاهی کم نمی‌گردد

зи ташвиши нафас чун софӣ аз ойӣна Ром кардам

ز تشویش نفس چون صافی از آیینه رم کردم

Дабистон хаёлам дошт сармашқи тамошоят

دبستان خیالم داشت سرمشق تماشایت

Навиштам нусхаи рангӣ ки шохи гул қалам кардам

نوشتم نسخهٔ رنگی‌که شاخ‌گل قلم‌کردم

Дар он даъват ки буии миннатӣ берун зад аз хониш

در آن دعوت که بوی منتی بیرون زد از خوانش

Ғизои ҳиммат аз алвони неъматҳо қисм кардам

غذای همت از الوان نعمت‌ها قسم کردم

Тамаъро ҳам ба ҳоли ин хасисон раҳм ме ояд

طمع را هم به حال این خسیسان رحم می‌آید

Гирифтам моҳеро пӯст кунадам бедирам кардам

گرفتم ماهیی را پوست‌کندم بی‌درم‌کردم

зи ман май хости саъии норасои эҳроми таслимӣ

ز من می‌خواست سعی نارسا احرام تسلیمی

Чу ашк аз сар ба роҳ андохтани соз қадам кардам

چو اشک از سر به راه انداختن ساز قدم‌کردم

Ба қадари ваҳшатами қатъ таъаллуқ дошт осонӣ

به قدر وحشتم قطع تعلق داشت آسانی

з ҳар ҷайбӣ ки дар доман задам теғ дӯдам кардам

ز هر جیبی‌که در دامن زدم تیغ دودم‌کردم

Чаҳ миқдори онсӯии таҳқиқ пар мезад шарори ман

چه مقدار آنسوی تحقیق پر می‌زد شرار من

Ки ҳастӣ шамъро ҳам кишт то сайр адам кардам

که هستی شمع را هم کشت تا سیر عدم کردم

Касе нагирифт аз бахт сияҳ дод сапанди ман

کسی نگرفت از بخت سیه داد سپند من

Тапидам сӯхтам то серумаи гаштани нола ҳам кардам

تپیدم سوختم تا سرمه گشتن ناله هم کردم

Надомати барад аз ойӣнаам занги ҳаваси беди л

ندامت برد از آیینه‌ام زنگ هوس بید‌ل

Ба суданҳои дасти ин сафҳаро пок аз рақам кардам

به سودن‌های دست این صفحه را پاک از رقم کردم