На тааюн на ноз ме расадам

نه تعین نه ناز می‌رسدم

То ҷабини як ниёз ме расадам

تا جبین یک نیاز می‌رسدم

Нози иқболи норасоӣ ҳо

ناز اقبال نارسایی ها

То ба зулф Аёз ме расадам

تا به زلف ایاز می‌رسدم

То зи хокистарам асар пайдост

تا ز خاکسترم اثر پیداست

Сӯхтан бе ту боз ме расадам

سوختن بی تو باز می‌رسدم

То шавам қобили нами ашкӣ

تا شوم قابل نم اشکی

Дида то дил гудоз ме расадам

دیده تا دل گداز می‌رسدم

Муждаи васлу бахти ман ҳайҳот

مژدهٔ وصل و بخت من هیهات

Ин наво аз чаҳ соз ме расадам

این نوا از چه ساز می‌رسدم

Нашъаи интизори ёқӯбам

نشئهٔ انتظار یعقوبم

Соғар аз чашм боз ме расадам

ساغر از چشم باز می‌رسدم

Вориси ибратам алоҷӣ нест

وارث عبرتم علاجی نیست

Аз ҷаҳон эҳтироз ме расадам

از جهان احتراز می‌رسدم

Сӯй дунё набардаам дастӣ

سوی دنیا نبرده‌ام دستی

Гркнми по дароз ме расадам

گرکنم پا دراز می‌رسدم

Гар ҳамин нафй хеш исботаст

گر همین نفی خویش اثباتست

Ранги нои рафта боз ме расадам

رنگ نا رفته باز می‌رسدم

Саъии ашкам ки дида то мижгон

سعی اشکم‌ که دیده تا مژگان

Сад нишеб ва фароз ме расадам

صد نشیب و فراز می‌رسدم

Гар румузи ҳақиқатам ин аст

گر رموز حقیقتم این است

Ҳркҷоим муҷоз ме расадам

هرکجایم مجاز می‌رسدم

Нарасидам ба ҳеҷ ҷои беди л

نرسیدم به هیچ جا بید‌ل

То куҷо имтиёз ме расадам

تا کجا امتیاز می‌رسدم