Шабоб рафт ва ман аз яъс мубтало мондам

شباب رفت و من از یأس مبتلا ماندم

Ба доми ҳалқаи мор аз қади ду то мондам

به دام حلقهٔ مار از قد دو تا ماندم

Гузашти ёр ва ман аз ҳар чаҳ буд вомондм

گذشت یار و من از هر چه بود واماندم

Пай аш нарафтам ва аз хеши ҳам ҷудо мондам

پی‌اش نرفتم و از خویش هم جدا ماندم

Далели аҷзи ҳамин хайру бод тоқат дошт

دلیل عجز همین خیر و باد طاقت داشت

Рафиқи обилаи поёни нақш по мондам

رفیق آبله پایان نقش پا ماندم

Набаст маҳмилами имдоди ҳмнўоиии кас

نبست محملم امداد همنوایی کس

зи бори дил ба таҳи кӯҳ чун садо мондам

ز بار دل به ته ‌کوه چون صدا ماندم

Ҳазор қофилаи бор умед дошт хаёл

هزار قافله بار امید داشت‌ خیال

Аён нашуд ки гузаштами зи хеш ё мондам

عیان نشد که ‌گذشتم ز خویش یا ماندم

Ҷабини шоми иҷобат наме ба ршҳаҳи надод

جبین شام اجابت نمی به رشحه نداد

Қадаҳи парасти ҳаво чун каф дуо мондам

قدح پرست هوا چون ‌کف دعا ماندم

Ба вусъи домани ҳиммат касе чаҳ ноз кунад

به وسع دامن همت ‌کسی چه ناز کند

Ҷаҳон ғанӣ шуд ва ман ҳамчунон гадо мондам

جهان غنی شد و من همچنان گدا ماندم

Гузашти халқии азин дашт бе ниёзи умед

گذشت خلقی ازین دشت بی‌نیاز امید

Ман аз фасонаи кавсар ба Карбало мондам

من از فسانهٔ کوثر به کربلا ماندم

з хон бе намаки орзӯи дарин маҳфил

ز خوان بی‌نمک آرزو درین محفل

Ба ғайри ишва чаҳ хӯрдам каз иштиҳо мондам

به غیر عشوه چه خوردم‌ کز اشتها ماندم

Чу шабнам оинаам як арақ ҷило нагирифт

چو شبنم آینه‌ام یک عرق جلا نگرفت

Ба тоқи пардаи номӯсӣ ҳаво мондам

به طاق پردهٔ ناموسی هوا ماندم

Шикасти боли зи оворагеи паноҳам буд

شکست بال ز آوارگی پناهم بود

Нафас ба мавҷ гуҳар додам аз шино мондам

نفس به موج ‌گهر دادم از شنا ماندم

Тамиз ҳастӣ аз андеша худам водошт

تمیز هستی از اندیشهٔ خودم واداشت

Гирифтам оинау маҳви он лақо мондам

گرفتم آینه و محو آن لقا ماندم

зи ҳеҷ қофилаи гирдами сиррӣ бурун накашид

ز هیچ قافله‌گردم سری برون نکشید

Ба ҳайратами ман бедасту по куҷо мондам

به حیرتم من بی‌ دست و پا کجا ماندم

Ба дасти судаи мгркори худ тамом кунам

به دست سوده مگرکار خود تمام‌کنم

Ки рафт навбату берун Асия мондам

که رفت نوبت و بیرون آسیا ماندم

Ту гарм бош ба шабгири ваҳму занни бедил

تو گرم باش به شبگیر وهم و ظن بیدل

Ки ман чу шамъи зи худ рафтаи рафтаи вомондм

که من چو شمع ز خود رفته رفته واماندم