Надорам риштаи дигар ки ойини талаби бандам

ندارم رشتهٔ دیگر که آیین طلب بندم

Шаби тории магари брсози оҳанги тараби бандам

شب تاری مگر برساز آهنگ طرب بندم

з гуфт вгўи даҳум то кӣ ба тӯфони заврақи дил ро

ز گفت‌وگو دهم تا کی به توفان زورق دل را

Ҳаёи кӯ каз лаби хомӯши пули баҳри талаби бандам

حیا کو کز لب خاموش پل بحر طلب بندم

Ба ин тартиби алфозӣ ки дорад нанги мавзунӣ

به این ترتیب الفاظی ‌که دارد ننگ موزونی

Ду мисраи рабт пайдо мекунадгар лаб ба лаби бандам

دو مصرع ربط پیدا می‌کند گر لب به لب بندم

Ба хайру шар чаҳ пардозам ки таслими ҳаёи машраб

به خیر و شر چه پردازم ‌که تسلیم حیا مشرب

Ба куфрам мекунад мансӯбгар дил бар сабаби бандам

به ‌کفرم می‌کند منسوب‌ گر دل بر سبب بندم

Мизоҷи хоксорам бо ръўнт бар наме ояд

مزاج خاکسارم با رعونت بر نمی‌آید

Ҷабин бар саҷда муштоқаст эҳроми адаби бандам

جبین بر سجده مشتاقست احرام ادب بندم

зи табъи мавҷи гавҳари ғайр ҳамворӣ наме ҷӯшад

ز طبع موج ‌گوهر غیر همواری نمی‌جوشد

Муруввати ҷавҳарамгар теғи бандам бар ғазаби бандам

مروت جوهرم‌ گر تیغ بندم بر غضب بندم

Дили бидрд то кӣ маҷлиси орой ҳавас бошад

دل بیدرد تا کی مجلس آرای هوس باشد

Ҷунунии бишиканади ин шиша то роҳи ҳалаби бандам

جنونی بشکند این شیشه تا راه حلب بندم

Надорад чун тааммули шоҳиди назми дақиқи ӣнҷо

ندارد چون تامل شاهد نظم دقیق اینجا

Нуқоти сиктаи ман ҳам бар каломи мунтахаби бандам

نقاط سکته من هم بر کلام منتخب بندم

Ҳалоки гиряҳои мастӣам эй ашки имдодӣ

هلاک‌ گریه‌های مستی‌ام ای اشک امدادی

Ки бар мижгон бе нами хӯшае чанд аз ънби бандам

که بر مژگان بی نم خوشه‌ای چند از عنب بندم

Ба стар ҳоли чандон моилам каз пардаи ахФо

به ستر حال چندان مایلم‌ کز پردهٔ اخفا

Агар субҳи қиёмат гул кунам худро ба шаби бандам

اگر صبح قیامت‌ گل‌ کنم خود را به شب بندم

зи мазмун дигар бедили димоғам тар наме гардад

ز مضمون دگر بیدل دماغم تر نمی‌گردد

Магар дар васфи минои ҳарфи тбхолӣ ба лаби бандам

مگر در وصف مینا حرف تبخالی به‌ لب بندم