Чу буии гул ба назарҳо ниқоб нагушӯдам

چو بوی‌گل به نظرها نقاب نگشودم

Баҳор оина пардохт лек нанамудам

بهار آینه پرداخت لیک ننمودم

Хаёли пучи ду рӯзам ғанимат савдост

خیال پوچ دو روزم غنیمت سوداست

Ба ин матоъ ки дар пеши ваҳми мавҷӯдам

به این متاع ‌که در پیش وهم موجودم

Ҳазор хулд тараб дошта сет вазъ хамӯш

هزار خلد طرب داشته‌ست وضع خموش

Чҳо гушӯд ба рӯем лабӣ ки нагушӯдам

چها گشود به رویم لبی‌ که نگشودم

Ба ранги сояи з ҷамъиятам магӯӣ ва мапурс

به رنگ سایه ز جمعیتم مگوی و مپرس

Гузашти умр ба хоб ва дамӣ нёсудам

گذشت عمر به خواب و دمی نیاسودم

Чу захм субҳ надорам лаби шикояти ғайр

چو زخم صبح ندارم لب شکایت غیر

Ҳамон табассум худ мекунад нмксўдм

همان تبسم خود می‌کند نمکسودم

з ҳамРаҳон мадад по наёфтам чу ҷарас

ز همرهان مدد پا نیافتم چو جرس

Ҳазор дашт ба иқболи нолаи паймӯдам

هزار دشت به اقبال ناله پیمودم

Ҳаваси бизоъати саъй аз димоғ ме хоҳад

هوس بضاعت سعی از دماغ می‌خواهد

зи яъси дасту дилии доштам ба ҳам судам

ز یأس دست و دلی داشتم به هم سودم

зи зиндагӣ чаҳ нишот орзӯ кунам ёрб

ز زندگی چه نشاط آرزو کنم یارب

Чу умри рафтаи саропои зиён бе судам

چو عمر رفته سراپا زیان بی‌سودم

зи арзи ҷисм ки нанг шуъӯр ҳастӣ буд

ز عرض جسم‌ که ننگ شعور هستی بود

Ба ғайри хок дигар бар адам чаҳ афзудам

به غیر خاک دگر بر عدم چه افزودم

Ту хоҳи шахси адами гӯии хоҳи бедили гир

تو خواه شخص عدم‌ گوی خواه بیدل‌گیر

Дар он бисот ки чизе набӯд ман будам

در آن بساط‌ که چیزی نبود من بودم