Аз ҳодиси офарӣнии табъи сқими мо

از حادث‌آفرینیِ طبعِ سقیمِ ما

Бар соя хӯрд паҳлавии шахси қадими мо

بر سایه خورد پهلوی شخصِ قدیم ما

Офоқро дар оташи воб ҷунун фиканд

آفاق را در آتش و آب جنون فکند

Хулди вҷҳими санъат умед вебем мо

خلد و جحیم، صنعت امید و بیم ما

Дили мубрам ва ҳақиқат ноёб муддаост

دل مبرم و حقیقت نایاب مدعاست

Бртўррихти барқ фузулӣ кулем мо

بر طور ریخت برقِ فضولی کلیم ما

Яктоеи офариди лаби худситои ишқ

یکتایی آفرید لب خودستای عشق

Дар нуқтаи даҳан алифӣ дошт мем мо

در نقطهٔ دهن الِفی داشت میم ما

Дар олами навозиши мутлақ , куҷост рад

در عالم نوازش مطلق، کجاست رد؟

Бахшидааст бар ҳамаи худ рокрими мо

بخشیده است بر همه خود را کریم ما

Ҷузи пеши хеши роҳи шикояти куҷои барад

جز پیش خویش راه شکایت کجا بَرَد؟

Бо ғайри суҳбатӣ ки надорад надими мо

با غیر صحبتی که ندارد ندیم ما

Чун сояи сар ба хоки адаб вокшидаҳ ем

چون سایه سر به خاک ادب واکشیده‌ایم

Аз зери пои мо нкшдкси гилӣми мо

از زیر پای ما نکشد کس گلیم ما

Майдони ҳайрати сафи ойӣна рафта ем

میدان حیرت صف آیینه رُفته‌ایم

Шмширмӣ кашад ба сархуд ғанӣами мо

شمشیر می‌کشد به سر خود غنیم ما

Оғӯшҳо ба ҳасрати дидори бозкрд

آغوش‌ها به حسرت دیدار باز کرد

Захми дил ба теғи тағофули ду ним мо

زخم دلِ به تیغِ تغافل دو نیم ما

Шуд ъмрҳокаҳ аз назари эътибори халқ

شد عمرها که از نظر اعتبار خلق

Ғалтони гузашти гавҳари ашки ятеми мо

غلتان گذشت گوهر اشک یتیم ما

Бедили збс ки муғтанам боғ фурсатем

بید!ل ز بس‌که مغتنمِ باغِ فرصتیم

Гули сина май дард ба видоъи насими мо

گل سینه می‌درد به وداع نسیم ما

Хониш
ғзл шморҳ 217 — ъндлӣб