Бар надорад шухӣ аз табъи адаби тахмири шарм
بر ندارد شوخی از طبع ادب تخمیر شرم
Беарақ гул мекунад аз ҷабҳаи тасвири шарм
بی عرقگل میکند از جبههٔ تصویر شرم
Дар ҳавои хатми мақсад сарнигӯн тозаст мӯ
در هوای ختم مقصد سرنگون تاز است مو
То тулӯъи субҳ перӣ нест бе шабгири шарм
تا طلوع صبح پیری نیست بیشبگیر شرم
намекунад олами талош ончӣ натавон баради пеш
میکند عالم تلاش آنچه نتوان برد پیش
Дар мизоҷ кас надорад ҷавҳари таъсии шарм
در مزاجکس ندارد جوهر تاثیر شرم
Шеваи аҳли адаб дар ҳар сифат бе ҷрأтист
شیوهٔ اهل ادب در هر صفت بیجرأتیست
Ранг агар гардонда бошад нест бе тақсири шарм
رنگ اگر گردانده باشد نیست بیتقصیر شرم
Лаъли хубони бӯсаи гоҳи ҳасрат перон мабод
لعل خوبان بوسهگاه حسرت پیران مباد
намекунад оби ин шукрро зи ихтилоти шери шарм
میکند آب این شکر را ز اختلاط شیر شرم
Нанги бекорӣ касеро беарақ нагузошта сет
ننگ بیکاری کسی را بیعرق نگذاشتهست
Аз ҳамин хуфт з хоро меЧехияанд қӣри шарм
از همین خفت ز خارا میچکاند قیر شرم
Аз таъаллуқи растан осон нест бе саъии ҷунун
از تعلق رستن آسان نیست بی سعی جنون
Бар намеояд ба зӯри хори домангири шарм
بر نمیآید به زور خار دامنگیر شرم
Мунфаил шуд ишқ аз вазъи такаллуфҳои мо
منفعل شد عشق از وضع تکلفهای ما
Дорад аз тамкини маҷнӯни нолаи занҷири шарм
دارد از تمکین مجنون نالهٔ زنجیر شرم
Зини тнки рӯбон наме бояд мурувват хостан
زین تنک روبان نمیباید مروت خواستن
Нест чун ойӣнаи дроби дами шмширшрм
نیست چون آیینه درآب دم شمشیرشرم
Халқи ғофилро ҳамин бо пӯшиш афтодааст кор
خلق غافل را همین با پوشش افتاده است کار
Коши ин тадбирҳоро бошад аз тақдири шарм
کاش این تدبیرها را باشد از تقدیر شرم
Муфти риндонгар такаллуфҳо набошад сади роҳ
مفت رندانگر تکلفها نباشد سد راه
Беазор афтодааст аз ҳинд то Кашмӣри шарм
بی ازار افتاده است از هند تا کشمیر شرم
Бедили он қуръон ки мо дарси ҳузураш хонда ем
بیدل آن قرآن که ما درس حضورش خواندهایم
Матни ойоташ таҳайюр дораду тафсири шарм
متن آیاتش تحیر دارد و تفسیر شرم