Шарори сангам ва дар фикри кори хеш май сӯзам

شرار سنگم و در فکر کار خویش می‌سوزم

Ба чашми бастаи шамъи интизори хеш май сӯзам

به چشم بسته شمع انتظار خویش می‌سوزم

намехоҳам нафаси сози дил бемуддао бошад

نمی‌خواهم نفس ساز دل بی‌مدعا باشد

Ҳаво то соф тар гардад ғубори хеш май сӯзам

هوا تا صاف‌تر گردد غبار خویش می‌سوزم

Фсрдни гоҳи имконро маҳоласт оташи дигар

فسردن‌گاه امکان را محال است آتش دیگر

Чу барқ аз ҷуръат бе ихтиёри хеш май сӯзам

چو برق از جرات بی‌اختیار خویش می‌سوزم

Агар осӯдаам хоҳӣ ба маҳфили чеҳра Эй бигушо

اگر آسوده‌ام خواهی به محفل چهره‌ای بگشا

Сапандии ҷои хеши аввали қарори хеш май сӯзам

سپندی جای خویش اول قرار خویش می‌سوزم

намедонам чаҳ оташ бар ҷигар дорад шарори ман

نمی‌دانم چه آتش بر جگر دارد شرار من

Ки ҳар ҷо мешавад чашмами дучори хеш май сӯзам

که هر جا می‌شود چشمم دچار خویش می‌سوزم

Хироми фурсати корам , видоъи улфати ёрам

خرام فرصت‌کارم‌، وداع الفت یارم

Ба ҳар дили доғи вории ёдгори хеш май сӯзам

به هر دل داغ‌واری یادگار خویش می‌سوزم

Дарин гулзори ибрати бод дар дастаст кӯшишҳо

درین‌ گلزار عبرت باد در دست است‌ کوششها

Абас ҳамчун нафаси ранги баҳори хеш май сӯзам

عبث همچون نفس رنگ بهار خویش می‌سوزم

На нури хилватами неи сози маҳфил , шуълаи шамъам

نه نور خلوتم نی ساز محفل، شعلهٔ شمعم

Ба ҳар ҷо мефурӯзам бар мазори хеш май сӯзам

به هر جا می‌فروزم بر مزار خویش می‌سوزم

Дами ное ба завқи нола осўдн наме донад

دم نایی به ذوق ناله آسودن نمی‌داند

Нафасҳо дар қафои неи савори хеш май сӯзам

نفسها در قفای نی سوار خویش می‌سوزم

Ҳавои олами ғифлати таҳайюри шуъла Эй дорад

هوای عالم غفلت تحیر شعله‌ای دارد

Ки дар оғӯши худ давр аз канори хеш май сӯзам

که در آغوش خود دور از کنار خویش می‌سوزم

Нафаси вақфи таманноҳо нигаҳи сарфи тамошоҳо

نفس وقف تمناها نگه صرف تماشاها

Димоғӣ дораму даргиру дори хеш май сӯзам

دماغی دارم و درگیر و دار خویش می‌سوزم

Навоҳои дили афсурда бар гӯшам мазан бедил

نواهای دل افسرده بر گوشم مزن بیدل

Ки ман аз шарми санг бе шарори хеш май сӯзам

که من از شرم سنگ بی‌شرار خویش می سوزم