Чунин офати насиб аз табъи роҳати душмани хешам
چنین آفت نصیب از طبع راحت دشمن خویشم
Агар як донаи дил ҷамъ кардам хирмани хешам
اگر یک دانهٔ دل جمع کردم خرمن خویشم
Чу гул аз пайкарами як ғунча ҷамъият наме хандад
چو گل از پیکرم یک غنچه جمعیت نمیخندد
Ба сад оғӯши ҳайронии баҳам овардани хешам
به صد آغوش حیرانی بهم آوردن خویشم
Ба ваҳшати сахт муҳкам кардаам сари риштаи улфат
به وحشت سخت محکم کردهام سر رشتهٔ الفت
Ба ранги мавҷ дар қуллоби чини домани хешам
به رنگ موج در قلاب چین دامن خویشم
Далелӣ дар саводи ваҳшат имкон наме бошад
دلیلی در سواد وحشت امکان نمیباشد
Ҳамон чун барқи шамъи роҳ аз худ рафтани хешам
همان چون برق شمع راه از خود رفتن خویشم
Фурӯғи хеши сайлоби банноӣ шамъ ме бошад
فروغ خویش سیلاب بنای شمع میباشد
Ба ғорати рафтаи тӯфони табъи равшани хешам
به غارت رفتهٔ توفان طبع روشن خویشم
Сияҳи бахтӣ ба ранги сояи муфти сози ҷамъият
سیه بختی به رنگ سایه مفت ساز جمعیت
Абирӣ дораму ороиши пероҳани хешам
عبیری دارم و آرایش پیراهن خویشم
намедонам хаёлами нақши паймон ки май бандад
نمیدانم خیالم نقش پیمان که میبندد
Ки чун ранги заъифон баст башикан башикан хешам
که چون رنگ ضعیفان بست بشکن بشکن خویشم
Таъаллуқи сарфаи ҷамъият хотир наме хоҳад
تعلق صرفهٔ جمعیت خاطر نمیخواهد
Хаёли дӯстӣ бо ҳар ки бандами душмани хешам
خیال دوستی با هر که بندم دشمن خویشم
Тамизигар наме буд он қадр ибрат набӯд ӣнҷо
تمیزی گر نمیبود آنقدر عبرت نبود اینجا
Таҳайюри нома дар даст аз мижаи во кардани хешам
تحیر نامه در دست از مژه وا کردن خویشم
Пари афшонами парӣ товораам аз чанги худ дорӣ
پر افشانم پری تا وارهم از چنگ خود داری
Ба ин кулуфт чаҳ лозим дар қафас парвардани хешам
به این کلفت چه لازم در قفس پروردن خویشم
Кафи хокистар ман нест бе сайри самани зорӣ
کف خاکستر من نیست بی سیر سمن زاری
Чу оташ аз шикасти ранги гул дар домани хешам
چو آتش از شکست رنگ گل در دامن خویشم
Ба хок афтодаам то дар замини орияти бедил
به خاک افتادهام تا در زمین عاریت بیدل
Магар бар бод рафтани вои намояди маскани хешам
مگر بر باد رفتن وا نماید مسکن خویشم