Ду рӯзии гӯ ба хӯн гул карда бошад чашми намнокам

دو روزی گو به خون گل کرده باشد چشم نمناکم

Тарӣ то гум шуд аз хоками з ҳар олӯдагии покам

تری تا گم شد از خاکم ز هر آلودگی پاکم

Газанд ҳастӣ ботил алоҷӣ нест ҷузи маргаш

گزند هستی باطل علاجی نیست جز مرگش

з бе таъсиии иқболи сам гул карда тирёкам

ز بی‌تاثیری اقبال سم گل کرده تریاکم

Ҳавои тозӣ ба хоки зиллатам помол ме дорад

هوا تازی به خاک ذلتم پامال می‌دارد

Агар сӯии гиребони рўкнми саркӯби афлокам

اگر سوی‌گریبان روکنم سرکوب افلاکم

зи сад мастӣ қаноат кардаам бо ёди мижгонӣ

ز صد مستی قناعت کرده‌ام با یاد مژگانی

Димоғи гардани мино баландаст аз раги токам

دماغ‌گردن مینا بلند است از رگ تاکم

Мазори куштаи теғи табассум олимӣ дорад

مزار کشتهٔ تیغ تبسم عالمی دارد

Саҳар хандад ғубории ҳам агар бархезад аз хокам

سحر خندد غباری هم اگر برخیزد از خاکم

Пурафшон май рӯм чун субҳ мумкин нест озодӣ

پرافشان می‌روم چون صبح ممکن نیست آزادی

Чаҳ созам , аз қафаси фарсӯдаҳои синаи чокам

چه سازم ، از قفس فرسوده‌هایِ سینهٔ چاکم

з бе дандонии айёми перии неъматами ин бас

ز بی‌دندانی ایام پیری نعمتم این بس

Ки фориғ дорад аз фикру хаёли ранҷи мисвокам

که فارغ دارد از فکر و خیال رنج مسواکم

Тилисмӣ бастаам чун шамъ , кӯи хилват , куҷои маҳфил ,

طلسمی بسته‌ام چون شمع‌ ، کو خلوت ، کجا محفل،

з рӯем ранг агар шӯйанд ҳастӣ то адами покам

ز رویم رنگ اگر شویند هستی تا عدم پاکم

Каманди каси ҳарифи сайд озодам наме гардад

کمند کس حریف صید آزادم نمی‌گردد

Амлҳо риштаи дргрдн камаст аз саъии фитрокам

امل‌ها رشته درگردن‌ کم است از سعی فتراکم

Агар рангами проФшонм агар бумаст ҷавлонам

اگر رنگم پرافشانم اگر بومست جولانم

Ба ҳар сӯрат , фузулии дастгоҳи табъи бибокм

به هر صورت ، فضولی دستگاهِ طبعِ بیباکم

Наме сӯзами нафаси беҳуда дар тадбири ҷамъият

نمی‌سوزم نفس بیهوده در تدبیر جمعیت

Дами фурсат гусал дорам , маниши ночори даллокам

دمِ فرصت‌گُسِل دارم ، مَنَش ناچار دلّاکم

Ба ҳарфу савти ин маҳфил , надорам нисбатии бедил

به حرف و صُوتِ این محفل ، ندارم نسبتی بیدل

Хамӯшӣ кардаам , равшани чароғи кунҷи идрокам

خموشی‌ کرده‌ام ، روشن چراغ‌ِ کنجِ ادراکم