Кар шудам то чанд шӯри ҳақ ва ботил бишинавам

کر شدم تا چند شور حق و باطل بشنوم

Башиканед ин созҳо то чизе аз дил бишинавам

بشکنید این سازها تا چیزی از دل بشنوم

Ғофил аз маънӣ неам лек аз иборат чора нест

غافل از معنی نی‌ام لیک از عبارت چاره نیست

Ҳарчӣ Лайлӣ гуядам бояд з маҳмил бишинавам

هرچه لیلی گویدم باید ز محمل بشنوم

То ба фаҳм ояд маъонӣ ранг мебозад шуъӯр

تا به فهم آید معانی رنگ می‌بازد شعور

Гар ҳамаи ҳарф худаст он ба ки ғофил бишинавам

گر همه حرف خود است آن به که غافل بشنوم

Чун ғурури офияти ҳеҷ офатӣ мавҷӯд нест

چون غرور عافیت هیچ آفتی موجود نیست

Коши шӯри ин муҳӣти азгрд соҳил бишинавам

کاش شور این محیط ازگرد ساحل بشنوم

Эҳтиёҷу шарм бо ҳам май гудозади санг ро

احتیاج و شرم با هم می‌گدازد سنگ را

Оҳ агар ҳарфи лаби хомӯш соил бишинавам

آه اگر حرف لب خاموش سایل بشنوم

Дӯстони хӯни бҳли ҳам аздит навмед нест

دوستان خون بحل هم ازدیت نومید نیست

Вогзорбдми дамӣ то ном қотил бишинавам

واگذاربدم دمی تا نام قاتل بشنوم

эй тапидани баъди маргами он қадри ҳиммати гумор

ای تپیدن بعد مرگم آنقدر همت‌گمار

Каз ғубори худ садои бол бсмл бишинавам

کز غبار خود صدای بال بسمل بشنوم

Аз ҳузури дили нафас ғофил намехоҳад маро

از حضور دل نفس غافل نمی‌خواهد مرا

Ҷода гӯшам мекашад коўоз манзил бишинавам

جاده‌ گوشم می‌کشد کآواز منزل بشنوم

Шӯри имкон бе тағофули қобил тафҳим нест

شور امکان بی‌تغافل قابل تفهیم نیست

Гӯши ман зин пунба маҳрӯмаст мушкил бишинавам

گوش من زین پنبه محرومست مشکل بشنوم

Хомшии мазмуни навое чанд доғам карда аст

خامشی مضمون نوایی چند داغم کرده است

Аз забони шамъи токии шӯр маҳфил бишинавам

از زبان شمع تاکی شور محفل بشنوم

Бскаҳ дорад фитратами нанги азтмизълму фан

بسکه دارد فطرتم ننگ ازتمیزعلم و فن

Об май гирдами ҳамагар шеър бедил бишинавам

آب می‌گردم همه‌گر شعر بیدل بشنوم