Сбксории сети ҳргаҳ дар назарҳо бидрнги ое
سبکساریست هرگه در نظرها بیدرنگ آیی
Ба ин ҷуръати мабодо чун шарари мино ба санги ое
به این جرات مبادا چون شرر مینا به سنگ آیی
Ба андоз тағофули ним рухи ҳам олимӣ дорад
به انداز تغافل نیم رخ هم عالمی دارد
Чаро мстқбли мардум чу тасвири фаранги ое
چرا مستقبل مردم چو تصویر فرنگ آیی
зи мо ва ман ҷаҳонӣ шиша зад бар санги навмидӣ
ز ما و من جهانی شیشه زد بر سنگ نومیدی
Дар қлқл мазан чандон ки дар пои таранги ое
در قلقل مزن چندان که در پای ترنگ آیی
Ҳамагар ҷубн бошад аз тариқи сулҳ кул магзар
همه گر جبن باشد از طریق صلح کل مگذر
Чу ғайрат то куҷо бо ҳар ки пеши ое ба ҷанги ое
چو غیرت تا کجا با هر که پیش آیی به جنگ آیی
Ҳаёи сомонии ин миқдор расвоӣ наме хоҳад
حیا سامانی این مقدار رسوایی نمیخواهد
Ки чун фаввора ҳар чанд оби гардии дршлнги ое
که چون فواره هر چند آبگردی درشلنگ آیی
Хумор , офат кашӣҳо дорад аз соғаркашӣ бигузар
خمار، آفتکشیها دارد از ساغرکشی بگذر
Ки май андешам аз хамёза дар коми наҳанги ое
که میاندیشم از خمیازه در کام نهنگ آیی
Бисоти лофи чандини инфеъолӣ дркмин дорад
بساط لاف چندین انفعالی درکمین دارد
Ҳазар зон вусъати доман ки зери пои ланги ое
حذر زان وسعت دامن که زیر پای لنگ آیی
Касе бо барқ бе зинҳори фурсат барнаме ояд
کسی با برق بی زنهار فرصت برنمیآید
Ба афсуни нафас то чанд дар боди туфанги ое
به افسون نفس تا چند در باد تفنگ آیی
Сухан дардисараст аммо матн бар хомшии чандон
سخن دردسر است اما متن بر خامشی چندان
Ки чун ойӣна аз забти нафас дар зери занги ое
که چون آیینه از ضبط نفس در زیر زنگ آیی
Дарони маҳфил ба зарфи ваҳми взн кам мерасад фитрат
درآن محفل به ظرف وهم وظن کم میرسد فطرت
Магари гардуни шӯй то қобили як косаи банги ое
مگر گردون شوی تا قابل یک کاسه بنگ آیی
Ҳамин дар кисват ваҳмаст сайри боғи имконат
همین در کسوت وهم است سیر باغ امکانت
Бапуш аз ҳар ду олами чашм агар зини ҷомаи танги ое
بپوش از هر دو عالم چشم اگر زین جامه تنگ آیی
Ба сомонаст бедили ъшртт дар хӯрд ҳамворӣ
به سامانست بیدل عشرتت در خورد همواری
Ба сайри ин чаман бояд рӯй ое ки ранги ое
به سیر این چمن باید روی آیی که رنگ آیی