Андеша дар назокати маънӣ камол дошт

اندیشه در نزاکت معنی کمال داشت

Ҳасани фурӯғи меҳри ниқоб ҳилол дошт

حسن فروغ مهر نقاب هلال داشت

Шерозаи ғубори ҳаваси гашти хиҷлатам

شیرازهٔ غبار هوس‌گشت خجلتم

Хоками тасаллӣ аз арақ инфеъол дошт

خاکم تسلی از عرق انفعال داشت

Дил рафт аз барам ба фусуни ҳавои васл

دل رفت از برم به فسون هوای وصل

Ин ғунчаи дргшўдни оғӯш бол дошт

این غنچه درگشودن آغوش بال داشت

Аз худрамида нест урӯҷи димоғи ман

از خودرمیده نیست عروج دماغ من

Ҷомами назари згрдши чашм ғизол дошт

جامم نظر زگردش چشم غزال داشت

Тухми адаб ба реша шухӣ наме занад

تخم ادب به ریشهٔ شوخی نمی‌زند

Мавҷи гуҳари забонӣ агар дошт лол дошт

موج‌گهر زبانی اگر داشت لال داشت

Ҳасанат ба дод ҳайрат обинаҳ ме расад

حسنت به داد حیرت آبینه می‌رسد

Охир лаб хамӯшӣ мо ҳам савол дошт

آخر لب خموشی ما هم سؤال داشت

Дилро ғами видоъи ту дар хӯни нишонда буд

دل را غم وداع تو در خون نشانده بود

Ҳол хушӣ надошт ки гӯям чаҳ ҳол дошт

حال خوشی نداشت‌که‌گویم چه حال داشت

Даракяши ишқи сози раҳоӣ надомат аст

درکیش عشق ساز رهایی ندامت است

Афсӯси тоирӣ ки ба доми ту бол дошт

افسوس طایری‌که به دام تو بال داشت

Пургӯйии ман офати огоҳӣ дил аст

پرگویی من آفت آگاهی دل است

Ойӣна буд то нафасам эътидол дошт

آیینه بود تا نفسم اعتدال داشت

Мардем ва аз ғубори ду олам ба дар задем

مردیم و از غبار دو عالم به در زدیم

эй офияти бибол ки ҳастӣ вабол дошт

ای عافیت ببال‌که هستی وبال داشت

Ғоратгари баҳори нишотами шукуфтагии сет

غارتگر بهار نشاطم شکفتگی‌ست

То ғунча буд дили чаманӣ дар хаёл дошт

تا غنچه بود دل چمنی در خیال داشت

Бедили ҳазор ҷилва дар ойӣнаи ?ути гузашт

بیدل هزار جلوه در آیینه‌ات گذشت

Он шахси кӯкаи ин ҳамаи арз мисол дошт

آن شخص‌کوکه این همه عرض مثال داشت