Бадбахт ҳар ки бе ҳунари вебии адаб буд

بدبخت هر که بی هنر وبی ادب بود

Гар барг ва бар дарахт наёрад ҳтб буд

گر برگ و بر درخت نیارد حطب بود

Рӯзаст воФтоб баландаст вҳр касе

روز است وآفتاب بلند است وهر کسی

Равшан чароғ карда ки торики шаб буд

روشن چراغ کرده که تاریک شب بود

Мо руста аз ҷаҳони вабаи дилдори бастаи дил

ما رسته از جهان وبه دلدار بسته دل

Нафрати зхлқ ҷустан мо зоин сабаб буд

نفرت زخلق جستن ما زاین سبب بود

Шаҳдаст чун шрнг ба комами зи дасти ғайр

شهد است چون شرنگ به کامم ز دست غیر

Вази дасти дӯсти заҳри ҳалоҳили рутаб буд

وز دست دوست زهر هلاهل رطب بود

Девонагии зи ишқ ки макрӯҳ олимӣ аст

دیوانگی ز عشق که مکروه عالمی است

Воҷиб ба мо шуд ар ба касе мсҳтб буд

واجب به ما شد ار به کسی مسحتب بود

Туркии рабӯдаи дили зи кафи ман ки ҳамчу ӯ

ترکی ربوده دل ز کف من که همچو او

Шухӣ на дръҷм на бутии дрърб буд

شوخی نه درعجم نه بتی درعرب بود

Оташ ба ҷонам аз бути хеши вабаи ман табиб

آتش به جانم از بت خویش وبه من طبیب

Гуяд ки гармии танати осори таб буд

گوید که گرمی تنت آثار تب بود

Ман рндўи масти въошқи вбдному шайхи хом

من رندو مست وعاشق وبدنام و شیخ خام

Кнъм кунад зи ишқи ту ин булъаҷаб буд

کنعم کند ز عشق تو این بوالعجب بود

Иқбол ҳар киро ки баландост дар ҷаҳон

اقبال هر که را که بلنداست در جهان

Пайвастаи гуфтугӯии тўоши вирди лаб буд

پیوسته گفتگوی تواش ورد لب بود