Оташӣ каз ҳиҷри Юсуф дар дили ёқӯб буд
آتشی کز هجر یوسف در دل یعقوب بود
Дар дили хунини ман дӯш аз ғами маҳбӯб буд
در دل خونین من دوش از غم محبوب بود
Ҳамчуи Нӯҳ аз ашки чашмами крдтўФонӣ ба по
همچو نوح از اشک چشمم کردطوفانی به پا
Бар дили ман офарин каз сабр чун Айюб буд
بر دل من آفرین کز صبر چون ایوب بود
Баҳри Мӯсои ҷилвагар нурӣ ки шддркўаҳи тавр
بهر موسی جلوه گر نوری که شددرکوه طور
Пуртӯй аз оризи он шӯхи шаҳри ошӯб буд
پرتوی از عارض آن شوخ شهر آشوب بود
Сарвро кардам шабиҳи қомати раънои дӯст
سرو را کردم شبیه قامت رعنای دوست
Мунфаили гаштам чу дидам соқи сарв аз чӯб буд
منفعل گشتم چو دیدم ساق سرو از چوب بود
Моҳи рогФтм ба рӯй ёр дорад нисбатӣ
ماه راگفتم به روی یار دارد نسبتی
Хуб чун дидам рухи моҳ аз клФи маъюб буд
خوب چون دیدم رخ ماه از کلف معیوب بود
Тарки ман хубаст сар то пои ҳамин хеши бдост
ترک من خوب است سر تا پا همین خویش بداست
Кош чун по то сари аўхўии уҳами хуб буд
کاش چون پا تا سر اوخوی اوهم خوب بود
Кардам андари мақдами ҷонони сарви ҷонро нисор
کردم اندر مقدم جانان سرو جان را نثار
Гуфт чизеи дигари ори ин тӯҳфаи номарғӯб буд
گفت چیزی دیگر آر این تحفه نامرغوب بود
Буд баси шоир вале чун мнксӣ аз ишқи дӯст
بود بس شاعر ولی چون منکسی از عشق دوست
На блндоқболи венаи шеъраши бад-ӣни услуб буд
نه بلنداقبال ونه شعرش بدین اسلوب بود