Гуҳӣ ки турраи таррор ӯ ба тоб равад

گهی که طره طرار او به تاب رود

зи дасти ман дили вози дили қарор ва тоб равад

ز دست من دل واز دل قرار و تاب رود

Бигуфт каз раҳи меҳри оимти шабии дрхўоб

بگفت کز ره مهر آیمت شبی درخواب

БгФтмш ки куҷои чашми ман ба хоб равад

بگفتمش که کجا چشم من به خواب رود

БгФтмӣ ба мунаҷҷим кӣаст вақти хусуф

بگفتمی به منجم کی است وقت خسوف

Бигуфт он бути маи рӯ чўдрнқоб равад

بگفت آن بت مه رو چودرنقاب رود

Шабиҳи зулфи врх ёр оядам ба назар

شبیه زلف ورخ یار آیدم به نظر

Ба бурҷи ақраби вмизон чўоФтоб равад

به برج عقرب ومیزان چوآفتاب رود

Магар ки гардиши чашм туам диҳад мастӣ

مگر که گردش چشم توام دهد مستی

Вагарнаи пеши лабати нашъа аз шароб равад

وگرنه پیش لبت نشئه از شراب رود

Аҷаб мадор шавад шаҳр агар хароб аз сайл

عجب مدار شود شهر اگر خراب از سیل

Ҳамеи зи чашмаи чашмами зи бскаҳ об равад

همی ز چشمه چشمم ز بسکه آب رود

Равост нолад агар рӯзи вшби баланди иқбол

رواست نالد اگر روز وشب بلند اقبال

зи бас ки аз ту ба ӯ ҷавр беҳисоб равад

ز بس که از تو به او جور بی حساب رود