Дрдъшқи ёрро тадбир натавонам намӯд

دردعشق یار را تدبیر نتوانم نمود

Панҷаи андари панҷа тақдир натавонам намӯд

پنجه اندر پنجه تقدیر نتوانم نمود

Дар раҳи сайлоби ашки чашми бунёни дилам

در ره سیلاب اشک چشم بنیان دلم

Шуд чунон вайронаи каш таъмир натавонам намӯд

شد چنان ویرانه کش تعمیر نتوانم نمود

Чораи девонаи ин бошдкаҳ занҷираш кунанд

چاره دیوانه این باشدکه زنجیرش کنند

Ман дили девонаро занҷир натавонам намӯд

من دل دیوانه را زنجیر نتوانم نمود

Аз азали дилбари парасти вбодаҳ нӯшамад дилам

از ازل دلبر پرست وباده نوش امد دلم

Ин чунинам то абад тазвир натавонам намӯд

این چنینم تا ابد تزویر نتوانم نمود

Шайхро гуфтам биё бо ишқ ӯ дмсози шӯ

شیخ را گفتم بیا با عشق او دمساز شو

Гуфт бозӣ бо дами ин шер натавонам намӯд

گفت بازی با دم این شیر نتوانم نمود

Тарк масташ дорад аз абрўбҳкФи шамшери вмн

ترک مستش دارد از ابروبهکف شمشیر ومن

Ҷони яқини солим аз ин шамшер натавонам намӯд

جان یقین سالم از این شمشیر نتوانم نمود

Сӯраи волшмсроу ояи воллил ро

سوره والشمس را و آیه واللیل را

Ҷузи з рӯй вмўӣ аўтФсир натавонам намӯд

جز ز روی وموی اوتفسیر نتوانم نمود

Бомаъбар гуфтам андар хоб дидам зулфи дӯст

بامعبر گفتم اندر خواب دیدم زلف دوست

Гуфт ман ошуфтаам таъбир натавонам намӯд

گفت من آشفته ام تعبیر نتوانم نمود

Бртни ман ҳар сар мӯем шавадгар сад забон

برتن من هر سر مویم شودگر صد زبان

Сдик аз ҳасани Рахш тақрир натавонам намӯд

صدیک از حسن رخش تقریر نتوانم نمود

Сӯзади ангуштами чўонгшти оташи аФтддрқлм

سوزد انگشتم چوانگشت آتش افتددرقلم

Шарҳи дрдҳҷрро таҳрир натавонам намӯд

شرح دردهجر را تحریر نتوانم نمود

Гар дилаш моил шавад бар куштанами гардани нуҳум

گر دلش مایل شود بر کشتنم گردن نهم

зи онкии он дилдорро дилгир натавонам намӯд

ز آنکه آن دلدار را دلگیر نتوانم نمود

Бо блндоқбол гуфтам тарк мекун то ба кӣ

با بلنداقبال گفتم ترک می کن تا به کی

Гуфт шуд ҳукм аз азал тағйир натавонам намӯд

گفت شد حکم از ازل تغییر نتوانم نمود