Дили марои хӯни гашт дар бар соқио
دل مرا خون گشت در بر ساقیا
Кўшроби рӯҳпарвар соқио
کوشراب روح پرور ساقیا
Каз дилами андӯҳи даврон тай кунӣ
کز دلم اندوه دوران طی کنی
Ҳай паёпай мебиовар соқио
هی پیاپی می بیاور ساقیا
Даври ман бояд тасалсул боядаш
دور من باید تسلسل بایدش
Вар на мигрдми мукаддари соқио
ور نه میگردم مکدر ساقیا
Дил кашад кӣ даст аз мечун кашад
دل کشد کی دست از می چون کشد
Дасти Тифл аз шери модари соқио
دست طفل از شیر مادر ساقیا
Шукрам аз даст ғайр ояд чу заҳр
شکرم از دست غیر آید چو زهر
Заҳрам аз дасти тўшкри соқио
زهرم از دست توشکر ساقیا
Парда аз сӯрат барафкан то кунӣ
پرده از صورت برافکن تا کنی
Маҷлиси моро мунаввари соқио
مجلس ما را منور ساقیا
Шуд баланди иқбол аз лаъли ту маст
شد بلند اقبال از لعل تو مست
наменахоҳад аз тўдигри соқио
می نخواهد از تودیگر ساقیا